Private investment slows due to government's "donate, get business" policy: Congress
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस ने मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन के एक बयान का हवाला देते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि सरकार की "चंदा दो, धंधा लो" वाली नीति से निजी निवेश में सुस्ती है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक खबर का उल्लेख किया, जिसके मुताबिक, नागेश्वरन ने कहा है कि कोविड महामारी के बाद देश की 500 शीर्ष कंपनियों का मुनाफा 30 प्रतिशत से अधिक बढ़ा, लेकिन उनके स्तर पर निवेश नहीं हुआ।
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "पिछले कुछ समय से कांग्रेस अर्थव्यवस्था को उच्च वास्तविक जीडीपी विकास दर हासिल करने से रोकने वाली एक मूलभूत समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कर रही है। वह यह है कि निजी कॉर्पोरेट निवेश में सुस्ती है।"
उन्होंने कहा, "कर दरों में कटौती की गई है और व्यापार की सुगमता में कथित तौर पर काफी सुधार हुआ है। लेकिन इन कदमों का अपेक्षित परिणाम नहीं मिला यानी निजी निवेश में वृद्धि नहीं हुई।"
उनके मुताबिक, ‘‘अब वित्त मंत्रालय के विद्वान मुख्य आर्थिक सलाहकार ने यह कहकर कांग्रेस के इस तर्क को अपना समर्थन दिया है कि कोविड के बाद, भारत की सबसे बड़ी कंपनियों ने अपने कॉर्पोरेट मुनाफे में प्रति वर्ष 30.8 प्रतिशत की वृद्धि देखी, जबकि उनके द्वारा निवेश नहीं किया गया।’’