आवाज द वॉयस/ नई दिल्ली
तमिलनाडु के सामाजिक उद्यमी अरुणाचलम मुरुगनाथम, जिन्हें दुनिया भर में ‘पैडमैन’ के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें वर्ष 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित (नॉमिनेट) किया गया है। इस खबर के सामने आने के बाद उनके सामाजिक कार्यों और ग्रामीण भारत में स्वच्छता को लेकर किए गए योगदान पर फिर से व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
अरुणाचलम मुरुगनाथम ने बताया कि जब उन्हें इस नामांकन की जानकारी मिली तो पहले उन्हें इस पर यकीन नहीं हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोबेल शांति पुरस्कार के लिए कोई भी व्यक्ति स्वयं अपना नाम नहीं भेज सकता और न ही परिवार या मित्र ऐसा कर सकते हैं। नामांकन केवल अधिकृत तीसरे पक्ष द्वारा ही किया जाता है। उनके अनुसार, पुदुचेरी स्थित Aravind Eye Hospital के एक डीन और वहां कार्यरत अमेरिकी टीम ने उनका नाम भेजा था, जिसे कथित तौर पर 24 घंटे के भीतर स्वीकार भी कर लिया गया। मुरुगनाथम ने इस उपलब्धि को अपने जीवन का अत्यंत गर्व का क्षण बताया।
नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया को लेकर जानकारी के अनुसार कुल 287 उम्मीदवारों को सूचीबद्ध किया गया है, जिनमें 208 व्यक्ति और 79 संगठन शामिल हैं। चयन प्रक्रिया बेहद विस्तृत और बहु-स्तरीय होती है, जिसमें विशेषज्ञों की राय, शोध और उम्मीदवारों के कार्यों से जुड़े दस्तावेजों का गहन अध्ययन किया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया लगभग आठ महीने तक चलती है। आधिकारिक व्यवस्था के तहत पाँच सदस्यीय नॉर्वेजियन नोबेल समिति अंतिम निर्णय लेती है, जो फरवरी के दूसरे पखवाड़े से नियमित बैठकें करती है। यह समिति नामांकनों की समीक्षा कर धीरे-धीरे सूची को छोटा करती जाती है और आवश्यकतानुसार स्वतंत्र विशेषज्ञों से विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार कराई जाती है। अंतिम चरणों तक पहुँचते-पहुँचते उम्मीदवारों की संख्या सीमित रह जाती है, और किसी भी चरण में पहले से हटाए गए नामों पर भी दोबारा विचार किया जा सकता है।
अरुणाचलम मुरुगनाथम ने ग्रामीण भारत में महिलाओं के लिए सस्ते सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक बड़ा सामाजिक अभियान शुरू किया था। उन्होंने कम लागत वाली सैनिटरी पैड बनाने की मशीन विकसित की, जिससे गांवों में ही किफायती पैड का उत्पादन संभव हुआ। उनके इस नवाचार ने न केवल महिलाओं की स्वास्थ्य और स्वच्छता में सुधार किया, बल्कि मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक टैबू और चुप्पी को तोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनकी प्रेरणादायक जीवन कहानी पर आधारित फिल्म Pad Man भी बनी, जिसमें अभिनेता Akshay Kumar ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म का निर्देशन R. Balki ने किया था, जबकि इसमें Radhika Apte और Sonam Kapoor भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आई थीं। यह फिल्म 2018 में रिलीज हुई थी और इसे सामाजिक मुद्दों पर आधारित उत्कृष्ट फिल्म के रूप में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी प्राप्त हुआ था।
उधर, नोबेल शांति पुरस्कार के हालिया परिणामों में वर्ष 2025 का पुरस्कार Maria Corina Machado को दिया गया था। उन्हें यह सम्मान वेनेजुएला के नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और तानाशाही से लोकतंत्र की ओर शांतिपूर्ण एवं न्यायपूर्ण बदलाव के लिए उनके निरंतर संघर्ष के लिए प्रदान किया गया।
इस प्रकार, अरुणाचलम मुरुगनाथम के संभावित नामांकन की खबर ने एक बार फिर उनके सामाजिक योगदान को वैश्विक चर्चा के केंद्र में ला दिया है, वहीं नोबेल शांति पुरस्कार की जटिल और बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया भी एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।