राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने मयूरभंज का दौरा किया और आदिवासियों के पवित्र उपवनों में पूजा-अर्चना की

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 20-06-2026
President Murmu, PM Modi visit Mayurbhanj, offer prayers at tribal sacred groves
President Murmu, PM Modi visit Mayurbhanj, offer prayers at tribal sacred groves

 

मयूरभंज (ओडिशा) 
 
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा के मयूरभंज ज़िले के पहाड़पुर गाँव का दौरा किया। यह राज्य के आदिवासी बहुल इलाके में उनका संयुक्त दौरा था। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को दर्शाने वाले पवित्र स्थलों - संथाली जाहेरा और हो जाहेरा - में पूजा-अर्चना की। उन्होंने एक स्किल सेंटर और पहाड़पुर स्कूल का भी दौरा किया और ग्रामीण व आदिवासी इलाकों में शिक्षा, क्षमता निर्माण और आजीविका पैदा करने पर केंद्रित चल रही पहलों के बारे में जानकारी ली।
 
यह दौरा ओडिशा में बड़े पैमाने पर हो रहे विकास कार्यों के बीच हुआ है। प्रधानमंत्री ने रायरांगपुर में राज्य सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम की थीम "विकास की धारा, पूरा ओडिशा" थी।
 
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ऊर्जा, औद्योगिक बुनियादी ढांचे, सड़क संपर्क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सिंचाई जैसे प्रमुख क्षेत्रों में 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। इन पहलों का उद्देश्य ओडिशा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, कनेक्टिविटी में सुधार करना, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना और रोजगार के अवसर पैदा करना है।
 
प्रमुख परियोजनाओं में 600 मेगावाट की अपर इंद्रावती पंप स्टोरेज परियोजना और दो 660 मेगावाट इकाइयों के साथ आईबी (IB) थर्मल पावर स्टेशन का विस्तार शामिल है। झारसुगुडा में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड परियोजना से घरेलू कोयला संसाधनों के स्वच्छ उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।
अन्य परियोजनाओं में भुवनेश्वर में नगरपालिका के ठोस कचरे पर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट, कटक और भुवनेश्वर को जोड़ने वाला काठाजोड़ी नदी पर पुल, कई सड़क और सिंचाई परियोजनाएं, साथ ही स्वास्थ्य और परिवहन बुनियादी ढांचे में सुधार (जैसे बौध में 300 बिस्तरों वाला जिला अस्पताल) शामिल हैं।
 
विज्ञप्ति में कहा गया है कि कार्यक्रम के दौरान कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया गया, जिनमें बाईपास, मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे कार्य, खेल सुविधाएं और आदिवासी अनुसंधान केंद्र शामिल हैं। इनका उद्देश्य राज्य में समावेशी विकास को गति देना है।