Politics intensifies over Ghazipur case, Congress demands action against officers
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नयी दिल्ली में गाजीपुर की एक किशोरी की मौत के मामले को लेकर सियासत गरमा गई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे उसके नेताओं को प्रशासन ने रोक दिया और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ सोमवार को गाजीपुर जा रहे थे। उनका कहना है कि वाराणसी हवाई अड्डे पर प्रशासन ने उन्हें रोक लिया और हिरासत में ले लिया। उन्होंने इसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
गौरतलब है कि गाजीपुर में 15 अप्रैल को 17 वर्षीय किशोरी का शव गंगा नदी में मिला था। परिवार ने इस मामले में यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि उनका प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार को सांत्वना देने जा रहा था, लेकिन जिला प्रशासन ने धारा 163 का हवाला देकर उन्हें रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ कानून पीड़ित की पहचान उजागर न करने की बात करता है, वहीं प्रशासनिक आदेश में ही पहचान सामने आ गई।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उन्हें न सिर्फ रोका गया, बल्कि हिरासत में लेकर थाने भी ले जाया गया। पार्टी ने मांग की है कि जिन अधिकारियों ने यह कार्रवाई की, उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएं।