आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल ने मंगलवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने का उनका फैसला स्वैच्छिक था, क्योंकि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के काम से बहुत प्रभावित हैं।
मालीवाल और ‘आप’ नेतृत्व के बीच मतभेद 2024 में उभरे थे। वह उन सात राज्यसभा सदस्यों में से एक हैं, जिन्होंने हाल में ‘आप’ से अलग होने और भाजपा में अपने गुट के विलय की घोषणा की थी।
मालीवाल मंगलवार को दिल्ली भाजपा के कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्हें प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद योगेंद्र चंदोलिया और प्रदेश महासचिव विष्णु मित्तल की मौजूदगी में पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल किया गया।
मालीवाल ने संवाददाताओं से कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की ओर से देश के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों से बहुत प्रभावित हूं। उनसे प्रेरणा लेकर मैंने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है।”
मालीवाल ने कहा कि दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में काम करते हुए उन्हें भाजपा से भरपूर समर्थन मिला और वह किसी मजबूरी के चलते पार्टी में शामिल नहीं हुईं।
उन्होंने कहा, “इस पार्टी में शामिल होना मेरी मजबूरी नहीं थी, लेकिन मैं यहां हो रहे सभी कार्यों को बड़ी दिलचस्पी से देख रही थी... मैं ईश्वर की और पूरे भाजपा नेतृत्व की आभारी हूं। मैं दिल्ली के लिए और भी अधिक ताकत और समर्थन के साथ काम करूंगी।”
‘आप’ पर निशाना साधते हुए मालीवाल ने आरोप लगाया कि लगभग दो कार्यकाल तक दिल्ली सरकार का नेतृत्व करने वाले पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली को “लूटा” और राष्ट्रीय राजधानी के बुनियादी ढांचे को “बर्बाद” कर दिया।