आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
विशेष पॉक्सो अदालत ने बलात्कार के आरोप में जेल में बंद 18 वर्षीय युवक को 21 जून को होने वाली नीट पुनर्परीक्षा में शामिल होने के लिए चार दिन की अंतरिम जमानत प्रदान की है।
विशेष न्यायाधीश एस.आर. शर्मा ने बृहस्पतिवार को यह राहत दी। आरोपी नवी मुंबई की तलोजा केंद्रीय कारागार में बंद है। अदालत ने यह आदेश तब पारित किया जब पीड़िता ने इस शर्त के साथ कोई आपत्ति नहीं जताई कि जमानत अवधि के दौरान आरोपी उसके परिवार को बदनाम या धमकाने का प्रयास नहीं करेगा।
अदालत ने आरोपी को 18 जून से 21 जून तक 50,000 रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानत पर अंतरिम राहत प्रदान की।
अदालत ने आरोपी को निर्देश दिया कि वह चिकित्सा प्रवेश परीक्षा की पुनर्परीक्षा के अगले दिन 22 जून को दोपहर दो बजे से पहले संबंधित अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करे।
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत बलात्कार तथा लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज है।
आरोपी की ओर से पेश अधिवक्ता कपिल विश्वास जोडगे ने दलील दी कि आपराधिक न्याय प्रणाली का उद्देश्य दोषसिद्ध अपराधियों और कारावास में बंद व्यक्तियों के पुनर्वास को भी बढ़ावा देना है तथा युवक को चिकित्सा प्रवेश परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए।