प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण पर 30 महीने बाद यू-टर्न लिया, महिलाओं से माफी मांगें : कांग्रेस

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 10-04-2026
PM takes U-turn on women's reservation after 30 months, should apologise to women: Congress
PM takes U-turn on women's reservation after 30 months, should apologise to women: Congress

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
कांग्रेस ने महिला आरक्षण पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक लेख का हवाला देते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि उन्होंने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में महिलाओं का समर्थन हासिल करने तथा शासन एवं विदेश नीति में अपनी विफलताओं को छुपाने के मकसद से 30 महीने बाद महिला आरक्षण के विषय पर ‘‘यू-टर्न’’ लिया है।
 
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को देश की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए।
 
रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘प्रधानमंत्री ने खुद को लोकसभा और विधानसभाओं में महिला आरक्षण के एकमात्र चैंपियन के रूप में पेश करने की कोशिश में मीडिया में लेख लिखना शुरू कर दिया है। दरअसल, उन्हें भारत की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए।’’
 
उन्होंने कहा कि जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को उसी वर्ष संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया था तो कांग्रेस ने इसे 2024 से ही लागू करने की मांग की थी, लेकिन यह प्रधानमंत्री को स्वीकार्य नहीं था।
 
उनका कहना है कि प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण को परिसीमन और उस जनगणना की कवायद पर निर्भर बना दिया था, जिसे वह कराने में विफल रहे और फिर कई वर्षों तक टालते रहे।
 
रमेश ने दावा किया, ‘‘अब जब निर्वाचन आयोग के केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीनस्थ कार्यालय के रूप में कार्य करने के बावजूद विधानसभा चुनावों में (भाजपा की) हार तय नजर आ रही है तब 30 महीनों बाद प्रधानमंत्री ने अपना मन बदल दिया है। वह चाहते हैं कि हम जनगणना को भूल जाएं और जनगणना आधारित परिसीमन को इस आधार पर भूल जाएं कि इसमें बहुत लंबा समय लगेगा।’’
 
उन्होंने कहा कि यह इस तथ्य के बावजूद है कि उनके जनगणना पंजीयक ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के परिणाम 2027 तक सामने आ जाएंगे।