नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हिमाचल प्रदेश के राज्यत्व दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्य की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और विरासत की सराहना की। उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल अपनी अनूठी पहचान, सांस्कृतिक विविधता और मेहनती, विनम्र लोगों के कारण पूरे देश में विशेष स्थान रखता है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में लिखा कि हिमाचल की यह पावन धरती अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जानी जाती है। यहां के लोगों का कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव और सरलता इसे और भी खास बनाते हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी परिवारों के उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की कामना भी की।
हर साल 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस मनाया जाता है। इसी दिन 1948 में हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ था। बाद में 1971 में इसे पूर्ण राज्य का दर्जा मिला और यह भारतीय संघ का 18वां राज्य बना। राज्यत्व दिवस के अवसर पर प्रदेश में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आयोजनों का आयोजन किया जाता है।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम भी व्यस्त रहा। वे आज कर्नाटक के दौरे पर हैं, जहां वे मांड्या जिले में स्थित श्री क्षेत्र आदिचुंचनगिरि में श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन करेंगे। यह मंदिर प्रसिद्ध संत श्री श्री श्री डॉ. बालगंगाधरनाथ महास्वामीजी की स्मृति में बनाया गया है, जो आदिचुंचनगिरि महासंस्थान मठ के 71वें पीठाधीश्वर थे।
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री H. D. Deve Gowda के साथ मिलकर ‘सौंदर्य लहरी और शिव महिम्न स्तोत्र’ पुस्तक का विमोचन भी करेंगे। यह आयोजन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और प्राकृतिक सौंदर्य देश के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री का यह संदेश न केवल राज्य के लोगों का मनोबल बढ़ाता है, बल्कि देश की विविधता और एकता को भी दर्शाता है।
हिमाचल दिवस के अवसर पर यह संदेश स्पष्ट है कि परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को सहेजते हुए आगे बढ़ना ही राज्य के विकास और समृद्धि की कुंजी है।