नई दिल्ली।
राजधानी दिल्ली के ओखला स्थित जामिया-ए-इस्लामी हिंद मुख्यालय में आयोजित अनोखी प्रदर्शनी “द वूवन लैंड: ए विजुअल नैरेटिव ऑफ मुस्लिम हिस्ट्री इन इंडिया” ने इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है। इंडिया हिस्ट्री फोरम द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन मंगलवार को हुआ, जिसमें कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी रही।
कार्यक्रम में Syed Sadatullah Husaini, Syed Sarwar Chishty, Shamshad Alam सहित कई बुद्धिजीवियों और सामाजिक नेताओं ने भाग लिया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य भारत के इतिहास में मुसलमानों के योगदान को व्यापक और शोधपरक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना है।
प्रदर्शनी में इस्लाम के भारत में आगमन से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में उसके प्रभाव को दर्शाया गया है। शिक्षा, व्यापार, सामाजिक समानता, महिला सशक्तिकरण, भाषा विकास और सांस्कृतिक समन्वय जैसे विषयों पर विशेष फोकस किया गया है। साथ ही वास्तुकला, विज्ञान और खगोलशास्त्र में मुस्लिम समुदाय के योगदान को भी प्रभावी तरीके से प्रदर्शित किया गया है।
इस प्रदर्शनी की सबसे बड़ी खासियत इसका 360-डिग्री इमर्सिव अनुभव है, जो दर्शकों को इतिहास की एक जीवंत यात्रा पर ले जाता है। दृश्य और कथात्मक प्रस्तुति का यह संयोजन दर्शकों को भारत की साझा विरासत और सांस्कृतिक विविधता को गहराई से समझने का अवसर देता है।
आयोजकों के अनुसार, यह प्रदर्शनी इतिहास को संतुलित और तथ्यात्मक तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास है, जिससे समाज में जागरूकता बढ़े और पूर्वाग्रहों को दूर किया जा सके। इसका उद्देश्य भारत की मिश्रित सांस्कृतिक विरासत और सह-अस्तित्व की भावना को रेखांकित करना भी है।
यह प्रदर्शनी 19 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। उद्घाटन के बाद से ही इसमें बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, जिनमें छात्र, शोधकर्ता और आम नागरिक शामिल हैं।
आयोजकों ने खासतौर पर युवाओं और इतिहास में रुचि रखने वालों से इस प्रदर्शनी को देखने की अपील की है। उनका मानना है कि ऐसे आयोजन न केवल ऐतिहासिक समझ को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में संवाद और जागरूकता को भी बढ़ावा देते हैं।