नई दिल्ली।
छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में स्थित एक थर्मल पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने 11 कर्मचारियों की जान ले ली, जबकि 22 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दर्दनाक हादसा मंगलवार दोपहर सिंहितराई क्षेत्र में स्थित 1200 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र में हुआ, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक विस्फोट इतना तेज था कि कई कर्मचारी मौके पर ही इसकी चपेट में आ गए। जिला पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि चार कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायलों का इलाज नजदीकी अस्पतालों में जारी है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
हादसे के तुरंत बाद प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए और घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट के बाद संयंत्र में अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर धुआं फैल गया।
यह विद्युत संयंत्र वेदांता औद्योगिक समूह से जुड़ा बताया जा रहा है, हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बॉयलर इकाई का संचालन सीधे तौर पर उनके नियंत्रण में नहीं था। इस इकाई का संचालन और रखरखाव NTPC GE Power Services Limited द्वारा किया जा रहा था। कंपनी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के औद्योगिक हादसे अक्सर सुरक्षा मानकों में कमी या तकनीकी लापरवाही के कारण होते हैं। ऐसे में जांच के बाद ही वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जरूरत इस बात की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि श्रमिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो।