गंगटोक
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सोमवार शाम सिक्किम की राजधानी गंगटोक में पद्म पुरस्कार विजेताओं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए इन विशिष्ट लोगों के साथ कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात को बेहद खास और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा कि गंगटोक में पद्म पुरस्कार विजेताओं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों से बातचीत करना एक “शानदार अनुभव” रहा। उन्होंने कहा कि इस संवाद के दौरान कई विषयों पर सार्थक चर्चा हुई, जो देश के विकास और समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण हैं।
इस कार्यक्रम में ऐसे लोग शामिल थे, जिन्होंने शिक्षा, कला, संस्कृति, सामाजिक सेवा, विज्ञान, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने इन सभी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे लोग देश की असली ताकत हैं, जो अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।
पद्म पुरस्कार भारत के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं। इन्हें हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित किया जाता है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण सेवा और योगदान दिया हो।
पद्म पुरस्कार तीन प्रमुख श्रेणियों में दिए जाते हैं। इनमें पहला है पद्म विभूषण, जो असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। दूसरा है पद्म भूषण, जो उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। तीसरा है पद्म श्री, जो किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि देश के कोने-कोने से आने वाले ये सम्मानित व्यक्ति भारत की विविधता और प्रतिभा का प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन लोगों की उपलब्धियां न केवल दूसरों के लिए प्रेरणा हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि समर्पण और मेहनत से कोई भी व्यक्ति अपने क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से उनके अनुभव और चुनौतियों के बारे में भी जाना। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ऐसे लोगों को और अधिक प्रोत्साहन मिले और उनके कार्यों को व्यापक स्तर पर पहचान मिल सके।
गंगटोक में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक औपचारिक मुलाकात थी, बल्कि यह देश के उन गुमनाम नायकों को सम्मान देने का एक प्रयास भी था, जो चुपचाप समाज के लिए महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों की कहानियां पूरे देश में फैलनी चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग उनसे प्रेरणा ले सकें।
कुल मिलाकर, यह मुलाकात देश के उन प्रतिभाशाली और समर्पित नागरिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुई, जिन्होंने अपने कार्यों से भारत को गौरवान्वित किया है।