आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार नवाचार की अगली लहर को गति देने के लिए अनामीकृत (एनॉनिमाइज़्ड) डेटा सेट पर आधारित एक “पूर्ण एआई ढांचा” बनाने पर विचार कर रही है। शोधकर्ताओं और स्टार्टअप को इस तक पहुंच दी जाएगी।
मंत्री ने एआई प्रणालियों के लिए एक ‘ऑडिट ट्रेल’ तंत्र विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा और सुझाव दिया कि भविष्य में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) जैसे संस्थान एआई मॉडल पर ऑडिट रिपोर्ट जारी कर जवाबदेही सुनिश्चित कर सकते हैं।
पूर्ण एआई ढांचे (कम्प्लीट एआई स्टैक) का अर्थ है हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, डेटा और सेवाओं का ऐसा समग्र तंत्र जो कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित अनुप्रयोगों के डिजाइन, प्रशिक्षण, तैनाती एवं प्रबंधन के लिए आवश्यक हो।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री तथा शिक्षा राज्य मंत्री चौधरी ने डेटा सेट के वर्गीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, “ भारत सरकार के निर्धारित दिशा-निर्देश हैं। शिक्षा के क्षेत्र में हम एक पूर्ण एआई ढांचा बनाने पर विचार कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि अनामीकृत डेटा सेट शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि नवाचार की विभिन्न परतों में मूल्य सृजन हो सके और स्टार्टअप उस डेटा के साथ काम कर सकें, जिसे सरकार और नागरिकों ने साझा किया है।’’
मंत्री ने कहा कि नए एआई मॉडल के लिए ‘ऑडिट ट्रेल’ होना आवश्यक है।