Petroleum Minister discusses global oil, gas markets with energy expert flags Hormuz disruption, rising prices
नई दिल्ली
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ऊर्जा विशेषज्ञ फरीदुन फेशाराकी के साथ वैश्विक तेल, लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) बाजारों को प्रभावित करने वाले कारकों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अमेरिका (उत्तरी और दक्षिणी) से बढ़ती आपूर्ति, वैश्विक मांग में सुस्त वृद्धि और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण बाजार में आ रही अस्थिरता का जिक्र किया।
शनिवार को 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में, पुरी ने बताया कि चर्चा में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और मांग में हो रहे बदलावों पर बात हुई। उन्होंने कहा कि जहां दुनिया के कई हिस्सों में मांग की वृद्धि सुस्त बनी हुई है, वहीं उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है और आपूर्ति के नए केंद्र उभर रहे हैं।
हालांकि, भारत इस मामले में एक अपवाद है। पुरी ने भारत को दुनिया में तेल की मांग बढ़ाने वाला सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बताया।
मंत्री ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (होर्मुज जलडमरूमध्य) के आसपास आ रही बाधाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन वजहों से ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ रही है और वैश्विक स्तर पर कीमतें ऊपर जा रही हैं। ये घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों को आकार देने वाले परस्पर विरोधी कारकों को दर्शाते हैं। एक तरफ नए आपूर्ति केंद्रों से उत्पादन बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण ऊर्जा परिवहन के प्रमुख मार्गों पर असर पड़ रहा है।
भारत, जो दुनिया की प्रमुख तेल खपत वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, के लिए वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ऊर्जा आपूर्ति में आने वाली रुकावटें, ऊर्जा सुरक्षा और आयात लागत के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण हैं।
'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा व्यापार के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। इसलिए, इस क्षेत्र में किसी भी तरह की रुकावट तेल और गैस की आपूर्ति तथा कीमतों के लिए चिंता का विषय बन जाती है। मौजूदा अस्थिरता ने कच्चे तेल, LNG और LPG बाजारों में हो रहे बदलावों पर लगातार नजर रखने की जरूरत को और बढ़ा दिया है।
यह बातचीत ऊर्जा सुरक्षा और बाजार की स्थिरता को लेकर चल रही व्यापक अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं के बीच हुई है। 22 सितंबर को, भारत और 'ऑर्गेनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज' (OPEC) ने नई दिल्ली में 'OPEC-भारत ऊर्जा संवाद' की सातवीं उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की। इस बैठक की सह-अध्यक्षता हरदीप सिंह पुरी और OPEC के महासचिव हैथम अल-घैस ने की।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में तेल बाजार की स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा, तेल उद्योग में निवेश, और बाजार के अल्पकालिक, मध्यमकालिक तथा दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर चर्चा की गई।