Parminder Singh Jhota murder case: Punjab Pharmacy Council revokes accused Ashwani Kumar’s pharmacist registration
चंडीगढ़ [पंजाब]
पंजाब फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन सुनील बंसल ने बताया कि नशा-विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार का फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। बंसल ने कहा कि हत्या के मामले में कुमार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। आरोपी का फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन, जो 10 जुलाई 2020 को जारी किया गया था, अब रद्द कर दिया गया है। यह कार्रवाई झोटा की हत्या के बाद न्याय की मांग के बीच की गई है। झोटा की 13 अक्टूबर को पंजाब के मानसा जिले में एक केमिस्ट की दुकान के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, उस समय वह फेसबुक पर लाइवस्ट्रीम कर रहे थे।
इससे पहले, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस हत्या के मामले में एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी, जिसमें कुमार और कुछ अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था। पंजाब सरकार की सहमति और केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद, CBI की चंडीगढ़ स्थित स्पेशल क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 103(1), 109, 118(1), 61(2) और 3(5) के साथ-साथ आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25 और 27 लगाई गई हैं। जांच की जिम्मेदारी CBI इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह को सौंपी गई है।
मुख्य आरोपी कुमार को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था। एक वरिष्ठ उप महानिरीक्षक (DIG) के नेतृत्व में CBI की एक टीम मानसा पहुंची, जिसने पंजाब पुलिस से मामले के रिकॉर्ड और जब्त की गई सामग्री अपने कब्जे में ले ली। CBI अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच के तहत एजेंसी झोटा के परिवार के सदस्यों से पूछताछ करेगी। जांच में फोरेंसिक विशेषज्ञों, ड्रग कंट्रोलर्स और अन्य तकनीकी विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी।
जांच में हत्या से जुड़ी परिस्थितियों और इस हत्या तथा केमिस्ट की दुकानों पर प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की कथित अवैध बिक्री के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल की जाएगी।
बताया जाता है कि झोटा ने मानसा के एक बाजार में कुमार का सामना किया था, क्योंकि उस पर एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं अवैध रूप से बेचने का आरोप था। इसके बाद गोलीबारी शुरू हो गई, जिसमें झोटा की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए।
कार्यकर्ता के परिवार की मांग और राजनीतिक दबाव के बाद, CBI ने जांच अपने हाथ में ले ली। मामले की आगे की जांच चल रही है।