यूएपीए को लेकर ओवैसी का कांग्रेस पर हमला, खालिद और इमाम को जमानत न मिलने का ठहराया जिम्मेदार

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 11-01-2026
Owaisi attacks Congress over UAPA, blames them for Khalid and Imam not getting bail.
Owaisi attacks Congress over UAPA, blames them for Khalid and Imam not getting bail.

 

अमरावती (महाराष्ट्र)

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कड़े आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिल पाने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है, क्योंकि यही कानून कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लाया गया था।

ओवैसी शनिवार को महाराष्ट्र के अमरावती जिले के चांदनी चौक इलाके में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। यह सभा 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों से पहले आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय खुद को धर्मनिरपेक्ष बताने वाली पार्टियां असल में मुसलमानों, दलितों और आदिवासियों की दुश्मन हैं, क्योंकि वे “राजनीतिक धर्मनिरपेक्षता” का इस्तेमाल केवल वोट हासिल करने के लिए करती हैं।

ओवैसी ने कहा कि 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को यूएपीए की धारा 15ए के तहत जमानत से वंचित रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून की कठोर परिभाषाएं जमानत को लगभग असंभव बना देती हैं। ओवैसी के मुताबिक, उस समय के गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कांग्रेस-नीत सरकार के दौरान यूएपीए को संसद में पेश किया था और वे अकेले ऐसे सांसद थे जिन्होंने इसका विरोध किया था।

उन्होंने कहा, “मैंने संसद में साफ कहा था कि यह कानून पुलिस द्वारा मुसलमानों, आदिवासियों, दलितों और उन बुद्धिजीवियों के खिलाफ इस्तेमाल किया जाएगा, जो सरकार की नीतियों को समझते और उनका विरोध करते हैं। आज आप देख सकते हैं कि इस कानून की वजह से ये दो युवा पांच साल से जेल में हैं और उन्हें जमानत तक नहीं मिल रही।”

ओवैसी ने एल्गार परिषद मामले में आरोपी 85 वर्षीय फादर स्टेन स्वामी का भी जिक्र किया, जिनकी जेल में रहते हुए मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि यूएपीए जैसे कानूनों के कारण निर्दोष लोगों की जिंदगी बर्बाद हो रही है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 2019 में जब भाजपा सरकार ने यूएपीए में संशोधन किया, तब उसका समर्थन किया था। ओवैसी के अनुसार, यही संशोधन आज “निर्दोष लोगों के जीवन को नष्ट कर रहा है।”

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी को 2020 दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि, अदालत ने “भागीदारी के स्तर” (हाइरार्की ऑफ पार्टिसिपेशन) का हवाला देते हुए इसी मामले में पांच अन्य आरोपियों को जमानत दे दी थी।