मेघालय में तीन लाख 40 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि योग्य भूमि की पहचान: अध्ययन

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 19-10-2026
Over 340,000 hectares of cultivable land identified in Meghalaya: Study
Over 340,000 hectares of cultivable land identified in Meghalaya: Study

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों और भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) तकनीक की मदद से मेघालय में तीन लाख 40 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि योग्य ऐसी भूमि की पहचान की गई है जहां लंबे समय से खेती नहीं की गई है और यह राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 15.2 प्रतिशत है। एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।
 
इस महीने की शुरुआत में ‘जर्नल ऑफ जियोग्राफी, एनवॉयरमेंट एंड अर्थ साइंस इंटरनेशनल’ में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, कृषि के लिए भूमि को दोबारा उपयोगी बनाने और टिकाऊ भूमि उपयोग की योजना तैयार करने के लिहाज से कुल 3,40,673.36 हेक्टेयर भूमि का आकलन किया जा सकता है।
 
अध्ययन में पाया गया कि चिह्नित क्षेत्र में सबसे बड़ा हिस्सा ‘स्पार्स स्क्रबलैंड’ का है। ‘स्पार्स स्क्रबलैंड’ एक ऐसा प्राकृतिक और पारिस्थितिक क्षेत्र है जहां वनस्पति बहुत कम, बिखरी हुई और छोटी होती है।
 
‘स्पार्स स्क्रबलैंड’ का क्षेत्रफल सबसे बढ़ा, 2,06,595.18 हेक्टेयर है, जो कुल चिह्नित क्षेत्र का 60.64 प्रतिशत है। इसके बाद ‘डेंस स्क्रबलैंड का क्षेत्रफल 99,488.89 हेक्टेयर यानी 29.20 प्रतिशत है। ‘डेंस स्क्रबलैंड’ में घने पेड़ और घनी पत्तियों वाली वनस्पति होती है।