सीएमआरएल मामले में विजयन के खिलाफ यूडीएफ सरकार के रुख से विधायक रेमा निराश

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 19-10-2026
MLA Rema disappointed with UDF government's stand against Vijayan in CMRL case
MLA Rema disappointed with UDF government's stand against Vijayan in CMRL case

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 रिवोल्यूशनरी मार्क्सवादी पार्टी (आरएमपी) की विधायक के के रेमा ने सीएमआरएल भुगतान प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके परिवार से जुड़े मामले में केरल उच्च न्यायालय के समक्ष संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के रुख पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का घोषित रुख कमजोर होता दिख रहा है।
 
रेमा ने रविवार रात फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट के आधार पर सीधे प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर साक्ष्यों की स्वतंत्र जांच कराने का सरकार का शुरुआती फैसला राजनीतिक रूप से उचित था। हालांकि, उन्होंने उच्च न्यायालय की खंडपीठ के समक्ष सरकार के रुख की आलोचना की।
 
उन्होंने कहा, ‘‘सरकारी वकील ने जो रुख अपनाया, वह निराशाजनक था और इससे पिछली सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों पर यूडीएफ सरकार के घोषित रुख को नुकसान पहुंचा।’’
 
इस मामले में कांग्रेस के भीतर भी बहस चल रही है। विधायक मैथ्यू कुझलनादन ने सरकार के फैसले पर चिंता जताई थी, जबकि कन्नूर के सांसद के सुधाकरन और अन्य नेताओं ने उनका समर्थन किया था।
 
उच्च न्यायालय ने विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और दामाद पी ए मोहम्मद रियास के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। रियास माकपा के विधायक हैं। इसके बाद सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) ने दो प्राथमिकी दर्ज कीं।
 
रेमा ने आरोप लगाया कि विजयन और उनका परिवार मासिक भुगतान, रिश्वत तथा हवाला लेनदेन से जुड़े गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि सीएमआरएल से वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को किए गए भुगतान को आयकर विभाग के अंतरिम निपटान बोर्ड ने वैध कारोबारी लेनदेन नहीं माना था। ये निष्कर्ष गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) और ईडी की बाद की जांच से पहले आए थे।