पश्चिम बंगाल में पूजा पंडालों में सुबह-सुबह अंजलि के साथ महाष्टमी मनाई गई

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 19-10-2026
Maha Ashtami celebrated with early morning Anjali at puja pandals in West Bengal
Maha Ashtami celebrated with early morning Anjali at puja pandals in West Bengal

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
पश्चिम बंगाल में महाष्टमी के अवसर पर सोमवार सुबह-सुबह कोलकाता और राज्य के विभिन्न स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने इस साल अनुष्ठानों के लिए निर्धारित समय के अनुसार मां दुर्गा को पुष्पांजलि अर्पित की।
 
महानगर के सामुदायिक पूजा पंडालों से लेकर जिलों में पारंपरिक घरेलू आयोजनों और ऐतिहासिक मंदिरों तक, श्रद्धालु नए उत्सवी परिधान पहनकर पंडालों में पहुंचे। इस दौरान पुजारियों ने मां दुर्गा की स्तुति में मंत्रों और भजनों का पाठ किया।
 
महाष्टमी पर सुबह जल्दी पूजा शुरू होने के कारण कई पूजा स्थलों पर तड़के ही श्रद्धालु जुटने लगे। परिवार मां दुर्गा का आशीर्वाद लेने पहुंचे, जहां बच्चे अपने माता-पिता के साथ आए और बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने युवा पीढ़ी के साथ मिलकर अनुष्ठानों में हिस्सा लिया।
 
हालांकि, उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा मंडप में दो दिन पहले हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत के बाद माहौल गमगीन रहा। वहां आमतौर पर दिखने वाला उत्सवी उल्लास मातम में बदल गया। स्थानीय महिलाओं और बच्चों ने इस त्रासदी पर दुख जताया।
 
कई स्थानीय निवासियों ने कहा कि वे इस साल मंडप में अंजलि देने से हिचकिचा रहे थे और इससे वर्षों से चली आ रही उनकी परंपरा टूट सकती है।
 
रामकृष्ण मठ और मिशन के मुख्यालय बेलूर मठ में सुबह से ही श्रद्धालुओं का लगातार आना-जाना लगा रहा। वहीं, स्थापित परंपराओं के अनुरूप कामारपुकुर में भी विशेष अनुष्ठान किए गए।
 
हुगली जिले का कामारपुकुर रामकृष्ण परमहंस की जन्मस्थली है।