Opposition walks out of Rajya Sabha during debate on bill related to strength of judges in Supreme Court
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राज्यसभा में बुधवार को उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के प्रावधान वाले विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के विभिन्न दलों ने सदन से बहिगर्मन किया।
उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान उपसभापति हरिवंश ने वरिष्ठ कांग्रेस सदस्य विवेक तन्खा को संविधान का अनुच्छेद 370 निरस्त करने तथा जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने का मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दी। विपक्षी सदस्यों ने उपसभापति हरिवंश के फैसले का विरोध किया।
तन्खा ने इस साल मई में उच्चतम न्यायालय की गर्मियों की छुट्टियों से ठीक पहले न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा अध्यादेश लाने की जल्दबाजी पर सवाल उठाया और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का जिक्र किया।
उपसभापति ने उन्हें विधेयक से जुड़े विषय के अलावा अन्य मुद्दे उठाने से रोक दिया। कांग्रेस सदस्यों ने इसका विरोध किया और सदन में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने हरिवंश द्वारा तन्खा को अपना भाषण पूरा नहीं करने देने पर आपत्ति जताई और कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘‘इंडिया’’ के सदस्य सदन से बाहर जा रहे हैं।
हालांकि विधेयक पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, माकपा, झारखंड मुक्ति मोर्चा आदि दलों के सदस्य सदन में वापस आ गए और उन्होंने चर्चा में भाग भी लिया।
विपक्षी सदस्य यह भी मांग कर रहे थे कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में उपस्थित रहें और नीट पेपर लीक पर विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर उनके सवालों का जवाब दें।
विपक्षी सदस्यों के बहिर्गमन के बाद भी विधेयक पर चर्चा जारी रही।