विपक्षी सांसदों ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर मामले को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 30-07-2026
Opposition MPs protested in Parliament premises over police action on students and Ram Mandir issue
Opposition MPs protested in Parliament premises over police action on students and Ram Mandir issue

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर "बल प्रयोग" को लेकर बृहस्पतिवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया तथा सरकार एवं गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की।

सपा सांसदों ने संसद के मकर द्वार के निकट प्रतीकात्मक रूप से "दान पेटी" रखकर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ नारेबाजी की।
 
कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने छात्रों पर कथित बल प्रयोग के विषय का उल्लेख करते हुए एक बैनर भी ले रखा था जिस पर "ऑर्डर किसने दिया" लिखा हुआ था।
 
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, के सी वेणुगोपाल, सपा नेता धर्मेंद्र यादव और कई अन्य सांसद इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
 
उल्लेखनीय है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर कथित बल प्रयोग को लेकर सदन में शाह पर गंभीर आरोप लगाये थे जिसके बाद सत्तापक्ष ने उनसे माफी की मांग की थी।
 
बाद में गांधी ने संवाददाता सम्मेलन में शाह को छात्रों के साथ कथित बर्बरता के लिए जिम्मेदार ठहराया था और उन्हें बर्खास्त करने की मांग की थी।
 
उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल सपा के सांसदों ने राम मंदिर मामले पर बुधवार को भी संसद परिसर में प्रदर्शन किया था।
 
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी "आस्था के साथ विश्वासघात" के दोषी हैं। उन्होंने दावा किया कि दान-पात्र से चढ़ावे की कथित चोरी, गुप्त दान में अनियमितताएं, जमीन सौदों में कथित गड़बड़ियां, सबूत मिटाने और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं।
 
उनका कहना है कि यह "अक्षम्य महापाप" है और "लोकधन की लूट" का मुद्दा संसद में उठाना सभी का दायित्व है।
 
यादव ने यह भी कहा कि मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।