केवल 30 प्रतिशत एआई पेशेवर महिला, 16 प्रतिशत शोध भूमिका में: संरा महिला

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 17-02-2026
Only 30% of AI professionals are women, 16% in research roles: UN Women
Only 30% of AI professionals are women, 16% in research roles: UN Women

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
दुनिया में कृत्रिम मेधा (एआई) पेशेवरों में महिलाओं की भागीदारी केवल 30 प्रतिशत है और इस क्षेत्र में शोध पदों में उनका हिस्सा केवल 16 प्रतिशत है। संयुक्त राष्ट्र महिला ने सोमवार को यह कहा है।
 
संस्थान ने स्वास्थ्य, वित्त, जलवायु परिवर्तन से निपटने और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की जरूरतों को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने के लिए कृत्रिम मेधा उपकरणों के निर्माण में महिलाओं की अधिक भागीदारी का आह्वान किया है।
 
एशिया प्रशांत क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र महिला की क्षेत्रीय निदेशक क्रिस्टीन अरब ने यहां भारत एआई शिखर सम्मेलन में स्त्री-पुरुष समानता और कृषि पर एआई पुस्तिका जारी किये जाने के अवसर पर कहा कि एआई विकास में महिलाओं का कम प्रतिनिधित्व प्रौद्योगिकी में प्रणाली के स्तर पर पूर्वाग्रह पैदा कर रहा है।
 
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर ‘लगातार डिजाइन अंतर’ बना हुआ है और आगाह किया कि एआई प्रणालियों को तैयार करने में कम महिलाओं का मतलब है कि ऐसे उत्पादों की संख्या कम होगी जो महिलाओं की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करते हैं।
 
क्रिस्टीन ने कहा, ‘‘जब महिलाएं डिजाइन टेबल, परीक्षण प्रयोगशालाओं, ‘टर्म शीट’ से अनुपस्थित होती हैं, तो पूर्वाग्रह संयोग से उत्पन्न नहीं होता है। यह स्वत: बन जाता है।’’
 
उन्होंने कृत्रिम मेधा में स्त्री-पुरुष के बीच अंतर को दूर करने के भारत के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि देश ‘‘वैश्विक स्तर पर उन चुनिंदा देशों में से एक है जो इसे गंभीरता से ले रहा है...। अभी तक किसी भी देश ने इसे इतनी अच्छी तरह से नहीं किया है।’’