On the issue of women's entry into Sabarimala, the Minister said: The government will take an appropriate stand through discussion.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल में सत्तारूढ़ वामपंथी दल ने सोमवार को कहा कि शबरिमला में महिलाओं के प्रवेश का मुद्दा कई संवैधानिक जटिलताओं से जुड़ा है, इसलिए सरकार चर्चा के माध्यम से उचित रुख अपनाएगी।
सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए राज्य के कानून मंत्री पी. राजीव ने कहा कि उच्चतम न्यायालय पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि वह सात संवैधानिक प्रश्नों का समाधान करने के बाद ही पुनर्विचार याचिकाओं पर विचार करेगा।
उन्होंने कहा कि इसलिए, राज्य सरकार के पास अपना रुख स्पष्ट करने के लिए पर्याप्त समय है। मंत्री ने यह भी कहा कि यह इस मामले में ‘‘हां या ना’’ कहने का समय नहीं है।
राजीव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी मतावलंबियों की आस्था की रक्षा करना है और वह हर आस्था के अनुयायियों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह ऐसा मुद्दा नहीं है जिसे जल्दी हल किया जा सके। इसमें कई संवैधानिक जटिलताएं हैं, जिनका समाधान समय और समझदारी से ही संभव है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘संवैधानिक पहलुओं पर गौर करने के बाद हम उच्चतम न्यायालय के समक्ष सटीक पक्ष रखेंगे। हमारे पास पर्याप्त समय है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि सभी पहलुओं पर विस्तार से गौर करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे वक्त आई है जब उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि नौ न्यायाधीशों की एक पीठ केरल के शबरिमला मंदिर सहित धर्मों और धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के खिलाफ भेदभाव से संबंधित कुछ याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई शुरू करेगी।