एमबीबीएस कोर्स बंद करने के फैसले पर ओमर अब्दुल्ला का सवाल, कहा—छात्रों के साथ हुए अन्याय पर सोचना ज़रूरी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-01-2026
Omar Abdullah questions the decision to close the MBBS course, saying it's important to reflect on the injustice done to students.
Omar Abdullah questions the decision to close the MBBS course, saying it's important to reflect on the injustice done to students.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस में एमबीबीएस कोर्स की अनुमति वापस लिए जाने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन छात्रों के साथ अन्याय है, जिन्होंने नीट परीक्षा पास कर योग्यता हासिल की है और जो अपने ही राज्य में मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने की उम्मीद कर रहे थे।
 
गुरुवार को मीडिया से बातचीत में ओमर अब्दुल्ला ने कहा कि देशभर में मेडिकल कॉलेजों में दाखिला पाना पहले ही बेहद कठिन है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर ऐसा इकलौता स्थान बन गया है, जहां पूरी तरह से कार्यरत एक मेडिकल कॉलेज को बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि नीट पास कर चुके छात्रों को उनके घर के पास किसी मेडिकल कॉलेज में समायोजित करना सरकार की जिम्मेदारी है और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो।
 
मुख्यमंत्री का यह बयान उस फैसले के बाद आया है, जिसमें नेशनल मेडिकल कमीशन के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस, काक्रियाल (रीासी) को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 50 एमबीबीएस सीटों की दी गई अनुमति वापस ले ली। यह फैसला 6 जनवरी को अचानक निरीक्षण के बाद सामने आई कमियों और न्यूनतम मानकों के पालन में विफलता के आधार पर लिया गया।
 
इसी दौरान ओमर अब्दुल्ला ने जम्मू में ई-पाठशाला का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि यदि इस प्लेटफॉर्म का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह कई बच्चों की ज़िंदगी बदल सकता है। उन्होंने शिक्षा विभाग, मंत्रियों और अधिकारियों को इस पहल के लिए बधाई दी।