आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने केंद्र शासित प्रदेश से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।
राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना होने से पहले, मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में पत्रकारों से कहा कि वह जम्मू और कश्मीर से संबंधित सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
उन्होंने कहा, "काश गृह मंत्री से एक ही मुलाकात में हमें राज्य का दर्जा मिल जाता। अगर ऐसा होता तो हमें बहुत पहले ही मिल गया होता। लेकिन हां, मैं बैठक में जम्मू-कश्मीर से संबंधित राज्य के दर्जे और अन्य मुद्दे जरूर उठाऊंगा।"
अब्दुल्ला ने यह भी कहा था कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान उपराज्यपाल को दूरसंचार संबंधित अधिकार देने में कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि सुरक्षा और कानून व्यवस्था का प्रभार उन्हीं के पास है।
अब्दुल्ला ने पत्रकारों से कहा, ‘‘यह सही कदम है। ये अधिकार उपराज्यपाल के पास होने चाहिए। यह न तो व्यापार नियमों के विरुद्ध है और न ही पुनर्गठन अधिनियम के खिलाफ हैं।’’
उन्होंने कहा कि फोन सेवाओं या इंटरनेट को बंद करने के आदेश गृह विभाग द्वारा जारी किए जाते हैं, जो उपराज्यपाल के अधीन आता है।
केंद्र ने पिछले सप्ताह जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल को सार्वजनिक सुरक्षा की घटनाओं या राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान केंद्र शासित प्रदेश में दूरसंचार सेवाओं से संबंधित शक्तियों का प्रयोग करने के लिए अधिकृत किया है, जैसे कि सिग्नल को रोकना, सेवा को निलंबित करना आदि।