एलपीजी कमी के चलते ओडिशा के भोजनालयों ने मेन्यू में कटौती; कोयला व लकड़ी का इस्तेमाल शुरू

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 23-03-2026
Odisha restaurants cut menus due to LPG shortage; switch to coal and wood
Odisha restaurants cut menus due to LPG shortage; switch to coal and wood

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
ओडिशा में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी के कारण सड़क किनारे सैकड़ों ढाबे और छोटे रेस्तरां को अपना मेन्यू घटाने, दाम बढ़ाने और कई मामलों में कोयला तथा लकड़ी का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
 
भुवनेश्वर के एक शाकाहारी रेस्तरां के प्रबंधक प्रशांत कुमार भट्ट ने कहा कि संकट के चलते उन्हें अपने मेन्यू में भारी कटौती करनी पड़ी है।
 
उन्होंने कहा, “पहले हम ग्राहकों को 180 व्यंजन परोसते थे, लेकिन अब पर्याप्त सिलेंडर नहीं मिलने के कारण इसे घटाकर 18 कर दिया गया है।”
 
उन्होंने बताया कि अब कई व्यंजन इंडक्शन पर तैयार किए जा रहे हैं।
 
राजधानी का प्रसिद्ध ‘किशोर मटन’ होटल भी गैस की कमी के कारण अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए लकड़ी का इस्तेमाल कर रहा है।
 
होटल के मालिक ने कहा, “पर्याप्त सिलेंडर नहीं मिलने के कारण हमने रात का खाना परोसना बंद कर दिया है।”
 
इस संकट के चलते ‘खाओगली’ क्षेत्र के कई 'स्ट्रीट फूड' विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं, जबकि अन्य ने खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ा दिए हैं।
 
इसी तरह, दक्षिण भारतीय व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध ब्रह्मपुर के कई टिफिन सेंटर संचालकों ने भी एलपीजी आपूर्ति में कथित कमी के बीच कीमतें बढ़ा दी हैं।
 
इडली, वडा और पूड़ी जैसे व्यंजन, जो पहले 5 रुपये प्रति नग मिलते थे, अब सात रुपये में बिक रहे हैं, जबकि उपमा और डोसे की कीमतें क्रमशः 10 और 30 रुपये से बढ़ाकर 15 और 40 रुपये कर दी गई हैं।
 
उन्होंने कहा, “ईंधन और खाद्य तेल पर अधिक खर्च होने के कारण हमें विभिन्न वस्तुओं के दाम बढ़ाने पड़े हैं।”
 
ब्रह्मपुर में खल्लिकोट यूनिटरी यूनिवर्सिटी के पास ‘घुगनी’ बेचने वाले कृष्ण चंद्र पाणिग्रही ने बताया कि उन्होंने इसकी कीमत 25 रुपये से बढ़ाकर 30 रुपये प्रति प्लेट कर दी है।