ओडिशा सरकार ने राज्य कैबिनेट की 43वीं बैठक में 12 बड़े फैसलों को मंज़ूरी दी है; यह जानकारी राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने दी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 02-07-2026
Odisha govt approves 12 major initiatives at 43rd State Cabinet meeting, says State Chief Secretary Anu Garg
Odisha govt approves 12 major initiatives at 43rd State Cabinet meeting, says State Chief Secretary Anu Garg

 

भुवनेश्वर

ओडिशा सरकार ने गुरुवार को राज्य के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें 2,295 करोड़ रुपये का डीप-सी फिशिंग मिशन, झींगा (श्रिम्प) पालन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति, 268 करोड़ रुपये का अत्याधुनिक डेटा सेंटर, कक्षा 9 और 10 तक मध्याह्न भोजन योजना का विस्तार तथा कई बड़ी सड़क एवं जल संसाधन परियोजनाएं शामिल हैं।

ये फैसले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई 43वीं राज्य मंत्रिमंडल बैठक में लिए गए।

बैठक के बाद मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के तहत राज्य में व्हाइट-लेग श्रिम्प (झींगा) पालन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक नियामक ढांचा और संचालन दिशानिर्देशों को मंजूरी दी गई है। यह नीति अंतर्देशीय लवणीय जल, खारे पानी वाले क्षेत्रों और तटीय एक्वाकल्चर प्राधिकरण (CAA) के अधिकार क्षेत्र से बाहर के इलाकों में लागू होगी।

उन्होंने बताया कि झींगा पालन के लिए अनुमत क्षेत्र को हाई टाइड लाइन (उच्च ज्वार रेखा) से 2 किलोमीटर से बढ़ाकर 10 किलोमीटर तक कर दिया गया है। इस फैसले से राज्य में झींगा उत्पादन 1.6 लाख टन से बढ़कर 9 लाख टन प्रति वर्ष होने की उम्मीद है। साथ ही लगभग 25,000 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में खेती होगी और वर्ष 2036 तक समुद्री खाद्य निर्यात 4,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 25,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

2,295 करोड़ रुपये का डीप-सी फिशिंग मिशन

कैबिनेट ने 2,295 करोड़ रुपये के डीप-सी फिशिंग मिशन को भी मंजूरी दी है। इस मिशन के तहत आधुनिक गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाले जहाज, उन्नत ट्रॉलर, मदर वेसल, फिशिंग हार्बर, सी-फूड पार्क, कोल्ड चेन नेटवर्क, वैल्यू एडिशन सुविधाएं, डिजिटल मत्स्य प्रबंधन प्रणाली, वेसल मॉनिटरिंग सिस्टम और समुद्री संरक्षण उपाय विकसित किए जाएंगे।

अनु गर्ग ने कहा कि इस मिशन के तहत ब्लू इकोनॉमी हब (B-Hub) नामक एक ज्ञान केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। इससे 50,000 रोजगार सृजित होने, समुद्री मछली उत्पादन में 2 लाख मीट्रिक टन की अतिरिक्त वृद्धि और वर्ष 2036 तक समुद्री उत्पादों का वार्षिक निर्यात 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।

268 करोड़ रुपये का नया डेटा सेंटर

राज्य सरकार ने 268 करोड़ रुपये की लागत से भुवनेश्वर में टियर-3 मानकों वाला 'डेटा सेंटर 2.0' स्थापित करने को भी मंजूरी दी है। यह केंद्र सरकार-से-सरकार (G2G), सरकार-से-व्यवसाय (G2B) और सरकार-से-नागरिक (G2C) डिजिटल सेवाओं को मजबूत करेगा।

सड़क और आधारभूत ढांचा

कैबिनेट ने भुवनेश्वर में दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इनमें कलिंगा स्टेडियम से रघुनाथपुर ब्रिज कॉरिडोर तथा जयदेव विहार-नंदनकानन रोड परियोजना शामिल हैं, जिन पर 579 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं को 24 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इनके तहत फ्लाईओवर, अंडरपास, पार्किंग, सबवे और व्यावसायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि यातायात का दबाव कम हो और बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।

इसके अलावा, सुंदरगढ़ जिले में दुदका-गोपालपुर-टोपारिया डायवर्जन रोड (6.8 किमी) के निर्माण के लिए 160 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे खनन, पर्यटन और स्थानीय संपर्क बेहतर होगा।

जल संरक्षण परियोजनाएं

जल संसाधन विभाग के तहत दो इन-स्ट्रीम स्टोरेज संरचनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें कालाहांडी जिले के बेलगांव (केसिंगा ब्लॉक) में 256 करोड़ रुपये तथा बरगढ़ जिले में ओम नदी पर जमुतपाली में 159 करोड़ रुपये की परियोजना शामिल है। इनका उद्देश्य जल संरक्षण, भूजल स्तर में सुधार और 41 गांवों को स्थायी पेयजल उपलब्ध कराना है।

बिजली और शिक्षा

राजस्व विभाग ने राज्य की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 765 केवी क्षमता वाले तीन ग्रिड सब-स्टेशनों के निर्माण हेतु 200 एकड़ भूमि आवंटित करने को मंजूरी दी है।

वहीं, स्कूल एवं जनशिक्षा विभाग के तहत मध्याह्न भोजन योजना का दायरा बढ़ाकर अब कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों तक कर दिया गया है। कैबिनेट ने अगले चार वर्षों तक इस योजना को जारी रखने की मंजूरी दी है। इस योजना के तहत लगभग 7.41 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, जबकि इस पर पांच वर्षों में 4,224 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।