आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बीजू जनता दल (बीजद) ने एमएमडीआर कानून को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साधा है। भाजपा ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर ‘‘घड़ियाली आंसू’’ बहाने का आरोप लगाया, वहीं क्षेत्रीय दल ने भाजपा पर ‘‘झूठ बोलने’’ और राज्य के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
संसद ने अगस्त में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया था। इसका उद्देश्य खनिज अधिकारों और खनिज वाली भूमि पर कर लगाने के राज्यों के अधिकारों को सीमित करना है।
भाजपा की ओडिशा इकाई ने मंगलवार शाम सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बीजद और उसके अध्यक्ष नवीन पटनायक, दोनों एमएमडीआर अधिनियम को लेकर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। पिछली बीजद सरकार की अक्षमताओं के कारण राज्य को 1.03 करोड़ लाख रुपये का नुकसान हुआ है।’’
दूसरी ओर, बीजद सांसद संतृप्त मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा ओडिशा के हितों के लिए काम नहीं कर रही है।
मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘नया कानून ओडिशा समेत खनिज संपदा वाले राज्यों से खदानों और खनन भूमि पर उनके अधिकार छीनता है। यह संघीय व्यवस्था पर हमला है।’’