नई दिल्ली
अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने रविवार को नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval और विदेश मंत्री S. Jaishankar से मुलाकात की। इस दौरान भारत ने पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी ढांचे को लेकर गंभीर चिंता जताई और साफ कहा कि आतंकवाद केवल एक विचारधारा नहीं, बल्कि एक पूरा “इकोसिस्टम” बन चुका है।
सूत्रों के अनुसार, अजित डोभाल ने बातचीत के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री को बताया कि पाकिस्तान से संचालित आतंकी नेटवर्क अब भी सक्रिय हैं और अफगानिस्तान से लेकर दक्षिण एशिया तक का क्षेत्र सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है।
डोभाल ने यह भी कहा कि भारत अब केवल आतंकवादी खतरों के प्रति सतर्क रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमा पार आतंकवाद और आतंकी नेटवर्क से निपटने के लिए “एक्शन मोड” में आगे बढ़ रहा है।
बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर दिया।
भारत और अमेरिका के बीच रक्षा तकनीक हस्तांतरण, संयुक्त विकास और सह-उत्पादन को लेकर भी चर्चा हुई। यह सहयोग भारत-अमेरिका ‘इनिशिएटिव ऑन क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी’ यानी iCET के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि भारत अब केवल रक्षा उपकरण खरीदने वाला देश नहीं रहना चाहता, बल्कि उन्नत तकनीक के निर्माण और विकास में साझेदार बनना चाहता है।इसके बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर और मार्को रुबियो के बीच हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में व्यापार, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सप्लाई चेन, रक्षा और ऊर्जा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्तों की गति कम नहीं हुई है और आने वाले वर्षों में दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश अधिकांश वैश्विक मुद्दों पर रणनीतिक रूप से एकमत हैं।
रुबियो ने उम्मीद जताई कि भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित व्यापार समझौता जल्द पूरा हो सकता है।विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच पश्चिम एशिया, भारतीय उपमहाद्वीप और पूर्वी एशिया की स्थिति पर भी चर्चा हुई। उन्होंने समुद्री व्यापार को बिना किसी बाधा के जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जयशंकर ने यह भी बताया कि दोनों देशों ने असैन्य परमाणु सहयोग और ऊर्जा क्षेत्र में हालिया प्रगति का स्वागत किया।मार्को रुबियो की यह मुलाकात प्रधानमंत्री Narendra Modi से हुई बैठक के एक दिन बाद हुई। सूत्रों के मुताबिक, रुबियो ने प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण भी दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता रणनीतिक सहयोग केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक भू-राजनीति पर भी दिखाई देगा।