New government will have its own policies: Kerala Assembly Speaker on KIIFB issue
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरलम विधानसभा के अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने सोमवार को केरल अवसंरचना निवेश कोष बोर्ड (केआईआईएफबी) पर संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के रुख का बचाव करते हुए कहा कि सत्ता में आने वाली नयी सरकार की नीतियां पिछली सरकार से अलग हो सकती हैं।
राधाकृष्णन एक विशेषज्ञ समिति की उन सिफारिशों से जुड़े पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे जिनमें केआईआईएफबी की अलग से धन जुटाने वाली और परियोजनाओं के वित्तपोषण करने वाली संस्था के रूप में भूमिका समाप्त करने की बात कही गई है। इस सुझाव ने उस वित्तीय मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए हैं जिसके आधार पर राज्य में बुनियादी ढांचे पर खर्च किया जाता रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम यह उम्मीद नहीं कर सकते कि नयी सरकार पिछली सरकार के कदमों का अनुसरण करेगी। नयी सरकार की अपनी नीतियां होंगी जो पिछली सरकार की नीतियों से अलग हो सकती हैं।’’
सेवानिवृत्त आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी सुधा पिल्लई की अध्यक्षता वाली समिति ने केरलम विधानसभा में बृहस्पतिवार को पेश की गई अपनी रिपोर्ट में कहा कि केआईआईएफबी का मूल उद्देश्य राज्य की कर्ज लेने की सीमा का उपयोग किए बिना कोष जुटाना था लेकिन अब यह उद्देश्य अप्रासंगिक हो गया है क्योंकि केआईआईएफबी द्वारा लिया गया कर्ज भी अब उसी सीमा के अंतर्गत गिना जाता है।