आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया न 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के श्रमिकों के लिए राष्ट्रव्यापी नि:शुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम की बृहस्पतिवार को शुरुआत की।
दिल्ली स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मांडविया ने कहा कि चार श्रम संहिताओं का क्रियान्वयन देशभर के श्रमिकों के लिए सम्मान, कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को दर्शाता है।
श्रम एवं रोजगार मंत्री ने इस अवसर को ‘श्रम शक्ति’ के सम्मान का दिन बताते हुए कहा कि सरकार सभी श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा दायरे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्ष में सरकार ने रोजगार सृजन एवं कल्याणकारी उपायों के जरिये ‘श्रम शक्ति’ और ‘युवा शक्ति’ को सशक्त बनाने का काम किया है। देश में सामाजिक सुरक्षा का दायरा पिछले एक दशक में लगभग 30 करोड़ लोगों से बढ़कर आज करीब 94 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच गया है। यह 19 प्रतिशत से बढ़कर 64 प्रतिशत हो गया है।
मंत्री ने कहा कि ईएसआईसी दायरा भी एक दशक पहले लगभग सात करोड़ लाभार्थियों से बढ़कर अब करीब 15 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच गया है।
मांडविया ने इस कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी श्रमिकों के लिए अब देशभर में हर वर्ष मुफ्त स्वास्थ्य जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जांच के जरिये बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है और सामने आई बीमारियों के उपचार व दवाएं ईएसआईसी सुविधाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी।
इन चार श्रम संहिताओं के तहत प्रमुख श्रम सुधारों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि पुरुष तथा महिला श्रमिकों के लिए समान वेतन का प्रावधान सुनिश्चित किया गया और मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया गया है। महिलाओं के लिए घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) की सुविधा भी शामिल की गई है।