Nameri Tiger Reserve in Assam receives global recognition for tiger conservation Show alternatives
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
असम के नामेरी बाघ अभयारण्य को बाघ संरक्षण और संरक्षित वन क्षेत्र के प्रबंधन के लिए वैश्विक मान्यता मिली है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
क्षेत्र निदेशक पिराइसूदन बी. ने एक बयान में बताया कि बाघ संरक्षण और संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन के निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद 'कंजर्वेशन एश्योर्ड | टाइगर स्टैंडर्ड्स' (सीए|टीएस) के तहत ‘सीए|टीएस अप्रूव्ड’ दर्जा प्रदान किया गया है।
उन्होंने कहा कि जरूरी आकलन और सीए|टीएस की अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी समिति की मंजूरी के बाद नामेरी को यह दर्जा 10 सितंबर को दिया गया।
सीए|टीएस बाघ अभयारण्य प्रबंधन के आकलन के लिए वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त ढांचा है। इसमें वन्यजीव संरक्षण, आवास प्रबंधन, निगरानी, प्रशासन और स्थानीय समुदायों की भागीदारी जैसे पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है।
नामेरी को यह मान्यता मिलने के साथ ही असम के चारों बाघ अभयारण्य काजीरंगा, मानस, ओरांग और नामेरी अब ‘सीए|टीएस अप्रूव्ड’ दर्जे वाले अभयारण्य बन गए हैं।
नामेरी राष्ट्रीय उद्यान एवं बाघ अभयारण्य सोनितपुर जिले के उत्तरी हिस्से में स्थित है।