Mumbai records 231 days of 'good, satisfactory' AQI in 2026 so far, up from 218 in 2025: BMC
मुंबई (महाराष्ट्र)
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने बताया कि इस साल 22 अक्टूबर तक मुंबई में हवा की गुणवत्ता (AQI) 'अच्छी' और 'संतोषजनक' श्रेणियों में 231 दिन रही है। इसकी तुलना में, 2025 में यह 218 दिन, 2024 में 216 दिन और 2023 में 185 दिन थी। नगर निगम के अनुसार, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के 'PRANA' पोर्टल के आंकड़ों से पता चलता है कि 2017-18 और 2025-26 के बीच मुंबई में PM10 की मात्रा में लगभग 48 प्रतिशत की कमी आई है। BMC ने बताया कि उसने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें निर्माण स्थलों का निरीक्षण, सड़कों की सफाई, निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले कचरे की निगरानी, और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना शामिल है।
नगर निगम ने निर्माण स्थलों के लिए वायु प्रदूषण कम करने संबंधी 28-सूत्रीय दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके लिए वार्ड स्तर पर 76 टीमें तैनात की गई हैं, जो अचानक और औचक निरीक्षण करेंगी। प्रत्येक टीम को हर दिन कम से कम दो निर्माण स्थलों का निरीक्षण करना होगा और प्रदूषण वाले चिह्नित स्थानों (हॉटस्पॉट) पर नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यदि दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया जाता है, तो सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसमें 'कारण बताओ' नोटिस जारी करना, काम रोकने का आदेश देना या निर्माण स्थल को सील करना शामिल है। इस कार्रवाई के लिए निरीक्षण रिपोर्ट, तस्वीरें और वीडियो सबूत के तौर पर इस्तेमाल किए जाएंगे।
BMC ने यह भी कहा कि निर्माण स्थलों पर सेंसर-आधारित एयर-क्वालिटी मॉनिटर लगाना अनिवार्य है। कुल 3,166 निर्माण स्थलों पर ये मॉनिटर लगाए गए हैं और इन्हें एक केंद्रीय डैशबोर्ड से जोड़ा गया है, जिसके जरिए नगर निगम हवा की गुणवत्ता की निगरानी करता है।
सड़कों की धूल को नियंत्रित करने के लिए, BMC 29 बहुउद्देशीय वाहनों की मदद से सड़कों की गहरी सफाई और नियमित रूप से झाड़ू लगाने का काम कर रही है। साथ ही, डेवलपर्स और ठेकेदारों को भी अपने निर्माण स्थल के आकार के आधार पर आसपास की सड़कों की सफाई करने का निर्देश दिया गया है।
नगर निगम यह नियम भी लागू कर रहा है कि निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाला कचरा ले जाने वाले वाहन ढके होने चाहिए, और सार्वजनिक सड़कों पर आने से पहले उनके पहियों को धोना अनिवार्य है। कचरे के परिवहन और उसके अधिकृत निपटान की निगरानी 'मुंबई डेब्रिस कंट्रोल एंड ट्रैकिंग सिस्टम' (MDCTS) के जरिए की जाती है। इसमें प्रोजेक्ट प्रस्तावक, डेवलपर्स और अन्य योजना प्राधिकरण शामिल हैं।
बेकरी से होने वाले उत्सर्जन के बारे में BMC ने बताया कि मुंबई में 'पार्टिकुलेट मैटर' (धूल-कणों) के कुल उत्सर्जन में इनका योगदान लगभग 3.5 प्रतिशत है। शहर की 593 बेकरियों में से 209 पहले से ही स्वच्छ ईंधन का उपयोग कर रही थीं, जबकि 175 ने अब स्वच्छ ईंधन अपना लिया है। विज्ञप्ति के अनुसार, 69 बेकरियों में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है, 87 अभी भी नियमों का पालन नहीं कर रही हैं, और 8 बेकरियां बंद हो चुकी हैं।
BMC 10 श्मशान घाटों पर वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण भी लगा रही है और खुले में कचरा जलाने वाले चिह्नित हॉटस्पॉट्स पर कड़ी निगरानी रख रही है।
सर्दियों के मौसम के लिए, नगर निकाय ने 'विंटर एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन एंड एनफोर्समेंट एक्शन प्लान 2026' जारी किया है। इसमें निर्माण स्थलों पर नियमों का पालन, सड़कों की धूल, खुले में कचरा जलाना, प्रदूषण हॉटस्पॉट्स और वाहनों की जांच जैसे मुद्दे शामिल हैं।
BMC ने बताया कि पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं। सार्वजनिक सड़कों, रास्तों और अन्य सार्वजनिक स्थानों—जिनमें फुटपाथ और 'साइलेंस ज़ोन' (शांत क्षेत्र) भी शामिल हैं—वहां पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध है।