MSO demands Indian government's intervention on the detention of Mufti Asjad Raza Khan in Riyadh
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भारत के प्रसिद्ध सूफ़ी धर्मगुरु मुफ़्ती असजद रज़ा खान क़ादरी को हिरासत में लिए जाने की खबर के बाद मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (एमएसओ) ने भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने कहा है कि इस मामले में सरकार को जल्द से जल्द राजनयिक स्तर पर पहल करनी चाहिए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
एमएसओ ने अपने बयान में कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार मुफ़्ती असजद रज़ा खान क़ादरी को रियाद में स्थानीय प्रशासन द्वारा हिरासत में लिया गया है। इस खबर के सामने आने के बाद उनके चाहने वालों और विभिन्न धार्मिक समुदायों में चिंता का माहौल है।
संगठन ने कहा कि मुफ़्ती असजद रज़ा खान क़ादरी भारत के एक प्रतिष्ठित सूफ़ी धर्मगुरु हैं और वह बरेली स्थित दरगाह आला हज़रत का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह दरगाह देश में सूफ़ी विचारधारा, अमन, मोहब्बत और धार्मिक संतुलन का एक महत्वपूर्ण केंद्र मानी जाती है। उनके अनुयायी केवल भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में मौजूद हैं।
एमएसओ का कहना है कि मुफ़्ती असजद रज़ा खान क़ादरी की पहचान केवल एक धार्मिक विद्वान के रूप में नहीं है, बल्कि वह समाज में सद्भाव, शांति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने वाले व्यक्तित्व के रूप में भी जाने जाते हैं। ऐसे में उनकी हिरासत की खबर ने लोगों के बीच स्वाभाविक रूप से चिंता पैदा कर दी है।
संगठन ने भारत सरकार, विशेष रूप से विदेश मंत्रालय से अपील की है कि भारतीय दूतावास के माध्यम से इस मामले की तुरंत जानकारी जुटाई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें आवश्यक कांसुलर सहायता मिले और उनकी स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आए।
एमएसओ ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना भारत सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। खासकर जब मामला किसी ऐसे धार्मिक और सामाजिक व्यक्तित्व से जुड़ा हो जिनका देश में व्यापक प्रभाव और सम्मान है।
संगठन ने उम्मीद जताई कि भारत सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सऊदी अरब के संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क करेगी और जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए आवश्यक राजनयिक कदम उठाएगी।
एमएसओ के अनुसार इस मामले में पारदर्शिता और स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है ताकि देशभर में फैली चिंताओं को दूर किया जा सके और लोगों को सही स्थिति के बारे में भरोसेमंद जानकारी मिल सके।