आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत में अधिकतर पेशेवर 2026 में एक नई भूमिका की तलाश में है। हालांकि अनिश्चितता एवं कौशल अंतराल के कारण कुछ लोग बढ़ती प्रतिस्पर्धा, नई भूमिका के लिए एआई-संचालित भर्ती प्रक्रिया में खुद को उपयुक्त महसूस नहीं करते हैं।
पेशेवर मंच लिंक्डइन के नए सर्वेक्षण के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में कृत्रिम मेधा (एआई) के बढ़ते उपयोग, आज की नौकरियों के लिए तेजी से बदलती कौशल आवश्यकताओं और तेजी से प्रतिस्पर्धी लेकिन चयनात्मक नौकरी बाजार के बीच 84 प्रतिशत पेशेवर नई नौकरी खोजने के लिए खुद को तैयार महसूस नहीं करते हैं।
लिंक्डइन के आंकड़ों के अनुसार, भारत में रिक्त पदों के लिए आवेदकों की संख्या 2022 की शुरुआत से दोगुनी से अधिक हो गई है जिससे प्रतिस्पर्धा और भी बढ़ गई है। कई लोग खुद को इसके लिए तैयार महसूस नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा, करीब 74 प्रतिशत ने कहा कि पिछले एक साल में योग्य प्रतिभाओं को ढूंढना और भी कठिन हो गया है।
लिंक्डइन की ‘करियर एक्सपर्ट’ एवं लिंक्डइन इंडिया की वरिष्ठ प्रबंध संपादक (न्यूज) निराजिता बनर्जी ने कहा, ‘‘ भारत के रोजगार बाजार में करियर बनाने और प्रतिभा मूल्यांकन में एआई एक मूलभूत भूमिका निभाता है। पेशेवरों को सबसे ज्यादा जरूरत इस बात की स्पष्ट समझ की है कि उनके कौशल अवसरों में कैसे तब्दील होते हैं और भर्ती संबंधी निर्णय वास्तव में कैसे लिए जाते हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि एआई उपकरण का उद्देश्यपूर्ण उपयोग किए जाने पर ये, लोगों को उनकी उपयुक्त भूमिकाओं की पहचान करने, उद्देश्यपूर्ण तैयारी करने और अपने सीखने को सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान देने में मदद करके इस अंतर को पाट सकते हैं।