मिसरी एवं रुबियो ने व्यापार और ‘क्वाड’ पर चर्चा की, अमेरिकी मंत्री मई में करेंगे भारत की यात्रा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 10-04-2026
Misri and Rubio discussed trade and the Quad; US Secretary to visit India in May
Misri and Rubio discussed trade and the Quad; US Secretary to visit India in May

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 विदेश सचिव विक्रम मिसरी और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ‘‘सार्थक बैठक’’ कर व्यापार और ‘क्वाड’ (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) सहित कई मुद्दों पर चर्चा की तथा बैठक के बाद अमेरिकी मंत्री के अगले महीने भारत की यात्रा पर जाने की घोषणा की गई।

मिसरी तीन दिन की यात्रा पर अमेरिका आए हैं। उन्होंने और रुबियो ने ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में मुलाकात कर खास तौर पर व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा और ‘क्वाड’ पर विशेष ध्यान देते हुए द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की।
 
बैठक में मौजूद भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘व्हाइट हाउस में विक्रम मिसरी का स्वागत है। मंत्री रुबियो के साथ सार्थक बैठक हुई जिसमें हमारे द्विपक्षीय संबंधों, खास तौर पर व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा एवं ‘क्वाड’ पर ध्यान केंद्रित किया गया।’’
 
गोर ने कहा कि मंत्री रुबियो अगले महीने भारत की यात्रा को लेकर उत्सुक हैं।
 
अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हम भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों एवं अन्य कई क्षेत्रों में अपनी भागीदारी को और गहरा करने के लिए तत्पर हैं।’’
 
इससे पहले, मिसरी ने अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ और राजनीतिक मामलों की अवर विदेश मंत्री एलिसन हूकर से अलग-अलग मुलाकात की।
 
विदेश मंत्रालय के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक बयान में कहा, ‘‘उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी से वाशिंगटन में मुलाकात की। नेताओं ने दोनों देशों के बीच करीबी साझेदारी की पुन: पुष्टि की और फारस की खाड़ी संबंधी स्थिति तथा अन्य वैश्विक एवं क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी साझा की।’’
 
भारतीय दूतावास के अनुसार, मिसरी और लैंडौ ने द्विपक्षीय प्राथमिकताओं पर चर्चा की तथा पारस्परिक चिंता के क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रम पर भी अपने विचार साझा किए।
 
हूकर ने कहा कि उन्होंने और मिसरी ने इस बात पर चर्चा की कि भारत और अमेरिका रक्षा एवं अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में किस तरह और निकटता से मिलकर काम कर सकते हैं।