CM Dhami reviews progress of constituency announcements, transfers DBT aid to registered workers in Uttarakhand
देहरादून (उत्तराखंड)
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राज्य सचिवालय में एक समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक का मकसद लालकुआं, भीमताल, नैनीताल, कालाढूंगी, काशीपुर, गदरपुर, रुद्रपुर, सितारगंज और रामनगर सहित कई विधानसभा क्षेत्रों के लिए की गई घोषणाओं की प्रगति का जायजा लेना था। इसके अलावा, धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) के माध्यम से, 'उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड' के तहत पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को सीधे आर्थिक सहायता भी हस्तांतरित की।
इससे पहले, गुरुवार को धामी ने कहा था कि सरकार ने फैसला किया है कि आगामी 'चार धाम यात्रा' के लिए तीर्थयात्रियों की संख्या पर फिलहाल कोई ऊपरी सीमा (cap) नहीं होगी। यह फैसला तैयारियों की समीक्षा बैठक के बाद लिया गया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी विभाग एक सुचारू और सुरक्षित तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा की सभी तैयारियां सुचारू रूप से आगे बढ़ रही हैं, और राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। समीक्षा बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए धामी ने कहा, "चार धाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ) की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक बैठक आयोजित की गई थी... सभी विभाग तैयार हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।"
उन्होंने आगे कहा कि बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर व्यापक चर्चा की गई। उन्होंने कहा, "सड़कों से लेकर पेयजल, परिवहन, सुरक्षा उपाय, आपदा प्रबंधन, हेली-सेवाएं और साइबर चुनौतियों से निपटने तक - हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की गई।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का लक्ष्य एक सुचारू और परेशानी-मुक्त तीर्थयात्रा का अनुभव सुनिश्चित करना है। हाल ही में हुई बर्फबारी को लेकर जताई जा रही चिंताओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि मौसम के अनुसार बर्फबारी हुई है, लेकिन यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करें, और साथ ही गुणवत्ता व नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।