गोवा में आठ करोड़ वर्ग मीटर भूमि ‘‘निर्माण निषेध क्षेत्र’’ घोषित: मंत्री

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 12-05-2026
80 million square meters of land in Goa declared
80 million square meters of land in Goa declared "no construction zone": Minister

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 गोवा के नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री विश्वजीत राणे ने मंगलवार को बताया कि राज्य सरकार ने लगभग आठ करोड़ वर्ग मीटर पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र को ‘निर्माण निषेध क्षेत्र’ घोषित किया है। इसमें कुछ प्रसिद्ध समुद्र तट और एक पहाड़ी शामिल हैं।
 
राणे ने बताया कि नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग द्वारा जारी कई अधिसूचनाओं के तहत लिया गया यह निर्णय सुनिश्चित करता है कि अरम्बोल और क्वेरीम सहित मंड्रेम क्षेत्र के विश्व प्रसिद्ध समुद्र तटों को जीर्ण-शीर्ण अवस्था से बचाया जाए।
 
उन्होंने कहा कि रेत के टीलों की सुरक्षा के साथ-साथ इस तटीय क्षेत्र में कछुओं के अंडे देने के स्थानों को भी संरक्षण मिलेगा।
 
राणे ने बताया कि यह अधिसूचनाएं इन क्षेत्रों की पारिस्थितिक संवेदनशीलता के विस्तृत अध्ययन और विभागीय बोर्ड बैठक में चर्चा के बाद जारी की गईं।
 
उन्होंने कहा, ‘‘ विभाग, मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के मार्गदर्शन में काम कर रहा है। पिछले पखवाड़े से अब तक राज्य में 1.23 करोड़ वर्ग मीटर भूमि को ‘निर्माण निषेध क्षेत्र’ घोषित किया जा चुका है और यह प्रक्रिया जारी रहेगी।’’
 
इसके अलावा, मंडोवी और जुआरी नदियों के किनारे स्थित 6.72 करोड़ वर्ग मीटर भूमि और सत्तारी तालुका में 65 लाख वर्ग मीटर वाघेरी पहाड़ी को भी ‘निर्माण निषेध क्षेत्र’ घोषित किया गया है।