आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने विकसित देशों के मुकाबले ‘वैश्विक दक्षिण’ के देशों में कृत्रिम मेधा (एआई) की पहुंच आधी होने का जिक्र करते हुए बुधवार को कहा कि वह दशक के अंत तक इस फासले को दूर करने के लिए 50 अरब डॉलर का निवेश करने की राह पर है।
माइक्रोसॉफ्ट की वाइस चेयर एवं अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ और उपाध्यक्ष एवं एआई प्रभारी नताशा क्रैम्पटन ने यहां आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन’ में इस निवेश योजना की घोषणा करते हुए कहा कि ‘वैश्विक उत्तर’ (विकसित देश) और ‘वैश्विक दक्षिण’ (विकासशील देश) के बीच ‘एआई खाई’ पैदा होने से आर्थिक असमानताएं और गहरी हो सकती हैं।
माइक्रोसॉफ्ट की नवीनतम ‘एआई डिफ्यूजन रिपोर्ट’ के मुताबिक, एआई का असमान उपयोग विकासशील क्षेत्रों में आर्थिक वृद्धि और अवसरों को सीमित कर सकता है।
कंपनी ने कहा, ‘‘दशक के अंत तक 50 अरब डॉलर का यह निवेश पांच स्तंभों- बुनियादी ढांचा, कौशल विकास, बहुभाषी एआई, स्थानीय नवाचार और एआई अपनाने के मापन पर केंद्रित कार्यक्रम के तहत किया जाएगा।’’
कंपनी ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में उसने वैश्विक दक्षिण को सेवाएं देने वाले डेटा सेंटर अवसंरचना में आठ अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया जिसमें भारत, मेक्सिको तथा अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया और पश्चिम एशिया के देश शामिल हैं।
माइक्रोसॉफ्ट ने 25 करोड़ वंचित लोगों तक इंटरनेट पहुंच बढ़ाने का लक्ष्य रखा है जिनमें 10 करोड़ अफ्रीका में हैं। कंपनी साझेदारियों के जरिये अफ्रीका में 11.7 करोड़ लोगों तक पहले ही पहुंच बना चुकी है।