मेटा से ‘डीपफेक’ के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया, बैठकों के नतीजों की समीक्षा के बाद कानूनी राय लेगी सरकार :

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-08-2026
META has been asked to take action against 'deepfakes
META has been asked to take action against 'deepfakes

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 केंद्र सरकार ने वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी मेटा से ‘डीपफेक पर कार्रवाई करने को कहा है और कंपनी के साथ हुई बैठकों के नतीजों की समीक्षा के बाद आगे उठाए जाने वाले कदमों को लेकर कानूनी राय ली जाएगी। सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
 
सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि मूल सवाल यह है कि मेटा भारतीय कानून के तहत मध्यस्थों के लिए निर्धारित प्रावधानों का पालन कर रहा है या उनका उल्लंघन कर रहा है और सरकार इस पहलू की जांच कर रही है।
 
उन्होंने कहा कि सरकार अन्य ऑनलाइन मंचों को भी बुलाएगी और यह जांच करेगी कि क्या वे भारतीय कानून के तहत ‘मध्यस्थ’ की परिभाषा के दायरे में आते हैं।
 
सूत्रों के अनुसार, यदि मेटा और अन्य ऑनलाइन मंच यह तय करते हैं कि उपयोगकर्ताओं को कौन-सी सामग्री दिखाई जाएगी तो यह एक तरह से ‘प्रकाशन’ के समान है और ऐसे में उन्हें अपने कदमों की जिम्मेदारी भी लेनी होगी।
 
उन्होंने कहा कि जब किसी मंच की अनुशंसा प्रणाली यह तय करती है कि किस व्यक्ति को कौन-सी सामग्री दिखाई जाए और जब वह भुगतान वाली सामग्री को बढ़ावा देती है तो उसके ‘मध्यस्थ’ के दर्जे को लेकर सवाल उठते हैं।
 
सूत्रों ने कहा कि सरकार ने मेटा को डीपफेक से निपटने के लिए ठोस कार्रवाई करने को कहा है। कंपनी के साथ अब तक हुई बैठकों के परिणामों की समीक्षा के बाद यह तय करने के लिए कानूनी राय ली जाएगी कि आगे क्या कार्रवाई की जा सकती है।
 
केंद्र सरकार ने वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी मेटा की टीम से दो दिन की कड़ी पूछताछ के बाद शुक्रवार को तीसरे दिन तकनीकी स्तर पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें डीपफेक, बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) और बिना लेबल वाली एआई-जनित सामग्री के संबंध में कंपनी की कार्ययोजना पर विशेष ध्यान रहा।
 
मेटा के साथ सरकार की यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फेसबुक पोस्ट पर अस्थायी रोक के बाद बुलाई गई थी। हालांकि मेटा ने प्रधानमंत्री की पोस्ट को एआई आधारित ‘कंटेंट फिल्टर’ की गलती मानते हुए बहाल कर दिया था और माफी मांगी थी।भी शामिल होंगे।