सुकमा में 25 शहीद CRPF जवानों का स्मारक उद्घाटित

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 24-04-2026
Memorial for 25 Martyred CRPF Jawans Inaugurated in Sukma
Memorial for 25 Martyred CRPF Jawans Inaugurated in Sukma

 

 सुकमा

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में उन 25केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) जवानों की स्मृति में एक स्मारक का उद्घाटन किया गया, जिन्होंने वर्ष 2017में हुए एक भीषण माओवादी हमले में अपनी जान गंवा दी थी। यह स्मारक उनकी वीरता, बलिदान और देश के प्रति समर्पण को समर्पित है।

यह स्मारक 74वीं बटालियन के मुख्यालय, दोरनापाल में स्थापित किया गया है, जिसका उद्घाटन CRPF के उप महानिरीक्षक (सुकमा) आनंद राजपुरोहित ने शुक्रवार को किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि इन जवानों का सर्वोच्च बलिदान देश की एकता और सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

24अप्रैल 2017को बुरकापाल क्षेत्र में यह हमला हुआ था, जब CRPF की 74वीं बटालियन के जवान सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा में तैनात थे। उसी दौरान माओवादियों ने घात लगाकर हमला किया, जिसमें 25जवान शहीद हो गए थे। यह घटना देश के सुरक्षा बलों पर हुए सबसे घातक हमलों में से एक मानी जाती है।

डिप्टी आईजी आनंद राजपुरोहित ने कहा कि इन जवानों की वीरता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने बताया कि ये जवान विकास कार्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए शहीद हुए, और उनका यह बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इन बलिदानों के कारण ही छत्तीसगढ़ में सुरक्षा स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है।

स्मारक के उद्घाटन के दौरान विधिवत पूजा-अर्चना की गई और शहीदों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद सभी उपस्थित अधिकारियों और जवानों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

सुकमा सहित बस्तर क्षेत्र लंबे समय तक माओवादी गतिविधियों का केंद्र रहा है, जहां सड़क निर्माण जैसे विकास कार्यों को भी अक्सर निशाना बनाया जाता था। विशेष रूप से दोरनापाल-जगरगुंडा सड़क परियोजना के दौरान सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई थी, जिसमें कई जवानों ने अपनी जान गंवाई थी।

अधिकारियों के अनुसार, इन जवानों के बलिदान ने क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्मारक का उद्देश्य इन शहीदों की स्मृति को जीवित रखना और उनके साहस तथा समर्पण को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।

इस अवसर पर CRPF की 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे सहित 159वीं, 223वीं और 226वीं बटालियन के अधिकारी और जवान भी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि इसी तरह का एक अन्य स्मारक इस वर्ष 6अप्रैल को सुकमा के ताड़मेटला क्षेत्र में 2010के माओवादी हमले में शहीद हुए 76सुरक्षा कर्मियों की स्मृति में भी उद्घाटित किया गया था।

छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर क्षेत्र, लंबे समय तक वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों के प्रयासों से स्थिति में सुधार आया है। इन शहीदों का स्मारक उनके अदम्य साहस और देश सेवा के संकल्प का प्रतीक बनकर हमेशा याद रखा जाएगा।