Many players from this group will be part of the 2032, 2036 Olympics: Rani Rampal
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत की पूर्व कप्तान रानी रामपाल का मानना है कि एशिया कप में कांस्य पदक जीतने वाली देश की अंडर-18 महिला टीम में भविष्य की ओलंपिक टीमों का अहम हिस्सा बनने की क्षमता है और मौजूदा टीम की कई खिलाड़ी 2032 तथा 2036 के खेलों में देश का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं।
भारतीय हॉकी की दिग्गज रानी ने कोच के तौर पर अपने पहले बड़े टूर्नामेंट में जापान में अंडर-18 महिला एशिया कप में युवा टीम को पोडियम तक पहुंचाया। टीम ने अपने अभियान के दौरान आक्रामक खेल, मजबूत डिफेंस और भविष्य की बड़ी उम्मीदें दिखाईं।
टूर्नामेंट के दौरान भारत ने कुल 36 गोल किए जिसमें स्ट्राइकर नौशीन नाज पांच मैच में 12 गोल करके शीर्ष स्कोरर रहीं। गीताश्री नम्मी ने छह गोल किए जबकि कप्तान स्वीटी कुजूर ने पांच गोल दागे।
रानी ने सोमवार को टीम के यहां पहुंचने पर पीटीआई से कहा, ‘‘यह टूर्नामेंट लड़कियों और एक कोच के तौर पर मेरे लिए भी सीखने के लिहाज से बहुत अच्छा रहा। इस अंडर-18 टीम में कई खिलाड़ी ऐसी थीं जो सिर्फ 14 और 15 साल की थीं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘परिपक्वता, शारीरिक क्षमता और ताकत के मामले में सब-जूनियर और सीनियर स्तर हॉकी में बहुत बड़ा फर्क होता है। मुझे यकीन है कि इस टीम की कई खिलाड़ी 2032 और 2036 के ओलंपिक में खेलेंगी। यह अनुभव उन्हें आगे बढ़ने में मदद करेगा। वे जितनी अधिक गलतियां करेंगी उतना ही अधिक सीखेंगी।’’
भारत ने अपने अभियान की शुरुआत मलेशिया पर 2-1 की जीत के साथ की और फिर दक्षिण कोरिया को 3-1 से हराया। टीम ने सिंगापुर को 25-0 से हराकर पूल ए में शीर्ष स्थान हासिल किया।
टीम को अपनी एकमात्र हार सेमीफाइनल में मिली जहां नियमित समय में मुकाबला 2-2 से बराबरी पर खत्म होने के बाद पेनल्टी शूटआउट में उन्हें अंततः चैंपियन बने चीन के खिलाफ 2-3 से हार का सामना करना पड़ा।
इसके बाद भारत ने जबरदस्त वापसी करते हुए कांस्य पदक के मैच में दक्षिण कोरिया को 3-0 से हराया। इस मैच में संदीप कुमारी, स्वीटी और नौशीन ने गोल किए।