India's engineering exports surge a testament to country's progress: Commerce Ministry official
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत का इंजीनियरिंग निर्यात वित्त वर्ष 2014-15 के लगभग 70 अरब डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 122.43 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जो देश के विकास और प्रगति का सशक्त प्रमाण है। वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव विमल आनंद ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पिछले 12 वर्षों में इस क्षेत्र में दर्ज की गई उल्लेखनीय वृद्धि देश के विनिर्माण और निर्यात तंत्र की बढ़ती क्षमता, प्रतिस्पर्धात्मकता तथा मजबूती को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2014-15 में इंजीनियरिंग निर्यात लगभग 70 अरब डॉलर था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 122.43 अरब डॉलर हो गया।
आनंद ने कहा कि भारत के कुल माल निर्यात में इंजीनियरिंग उत्पादों की हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ी है। यह कुल निर्यात के लगभग पांचवें हिस्से से बढ़कर करीब 28 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि इससे यह क्षेत्र देश के माल निर्यात में सबसे बड़ा योगदान देने वाले क्षेत्र के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करता है।