मणिपुर: असम राइफल्स के डीजी ने काकचिंग में सुरक्षा तैयारियों का लिया जायजा

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 29-10-2026
Manipur: DG of Assam Rifles reviews security preparations in Kakching
Manipur: DG of Assam Rifles reviews security preparations in Kakching

 

नई दिल्ली।

असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने मणिपुर के काकचिंग गैरीसन का दौरा कर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सैन्य तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों की परिचालन क्षमता की समीक्षा की और शांति तथा सुरक्षा बनाए रखने में जवानों की भूमिका की सराहना की।

अधिकारियों के मुताबिक, 28 अक्टूबर को हुए इस दौरे में असम राइफल्स के दक्षिणी महानिरीक्षक मेजर जनरल गौरव शर्मा भी उनके साथ मौजूद थे। दोनों अधिकारियों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और जवानों की तैयारियों का आकलन किया।

असम राइफल्स की ओर से सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी जानकारी के अनुसार, महानिदेशक ने जवानों के उच्च मनोबल, पेशेवर दक्षता और समर्पण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए बल के जवान लगातार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं।

युवाओं के कौशल विकास पर भी जोर

सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के साथ लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने काकचिंग गैरीसन स्थित ‘दक्षता धाम’ हॉस्पिटैलिटी स्किल सेंटर का भी दौरा किया। यहां उन्होंने 25 कमिस शेफ प्रशिक्षुओं से मुलाकात की और उनके प्रशिक्षण तथा रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा की।

महानिदेशक ने प्रशिक्षुओं को अपने कौशल को बेहतर बनाने और पेशेवर अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

असम राइफल्स के मुताबिक, इस केंद्र की पहल का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देना और उन्हें सुनिश्चित रोजगार से जुड़े अवसर उपलब्ध कराने में मदद करना है।

इस पहल को क्षेत्र में युवाओं के सशक्तीकरण और रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कांगपोकपी के साइनाई कैंप का भी हुआ था दौरा

इससे पहले 25 अक्टूबर को मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कांगपोकपी जिले के खोंगबल कुकी गांव स्थित साइनाई कैंप का दौरा किया था। यह कैंप संयुक्त सुरक्षा बलों के नियंत्रण में लिया गया था।

यह कार्रवाई उन 17 लोगों की गिरफ्तारी के बाद हुई थी, जिन पर कथित तौर पर फर्जी पहचान के जरिए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) समझौते के तहत पंजीकृत संगठनों के कैडर होने का दिखावा करने का आरोप था।

मुख्यमंत्री ने कैंप में तैनात सुरक्षा कर्मियों से बातचीत की और उनके कार्यों की सराहना की। इस दौरान विधायक थोखचोम राधेश्याम सिंह भी उनके साथ मौजूद थे।

संयुक्त अभियान के बाद कैंप पर सुरक्षा बलों का नियंत्रण

मणिपुर पुलिस के अनुसार, साइनाई कैंप में असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), कोबरा और अन्य सुरक्षा कर्मियों ने संयुक्त अभियान चलाया था।

यह कैंप कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (केएनओ), कुकी नेशनल आर्मी (केएनए) और कुकी लिबरेशन आर्मी (केएलए) से जुड़े एक नामित SoO कैंप के रूप में बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, सुरक्षा बलों ने कैंप की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया और बाद में उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। इस दौरान कुल 18 लोगों को हिरासत में लेकर उनकी पहचान और अन्य विवरणों का सत्यापन किया गया।

इस मामले में 17 लोगों की गिरफ्तारी और कुल 18 लोगों को हिरासत में लिए जाने का उल्लेख अलग-अलग कार्रवाई के संदर्भ में किया गया है।

मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और संयुक्त अभियानों के बीच असम राइफल्स का काकचिंग दौरा क्षेत्र में परिचालन तैयारियों के साथ स्थानीय युवाओं के कौशल विकास पर भी केंद्रित रहा।