आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बेंगलुरु यात्रा के दौरान बम की धमकी के कारण सुरक्षा संबंधी चिंता पैदा होने के एक दिन बाद, शहर के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने सोमवार को कहा कि यह धमकी फर्जी थी और तकनीकी निगरानी का उपयोग करते हुए आरोपी को एक घंटे के भीतर हिरासत में ले लिया गया था।
पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह करीब 8.29 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने पुलिस नियंत्रण कक्ष में फोन कर दावा किया कि उसने कनकपुरा रोड स्थित आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन परिसर के पास बम लगाया है, जहां प्रधानमंत्री मोदी को एक कार्यक्रम में शामिल होना था।
फोन करने वाले ने विस्फोटक उपकरण में विस्फोट करने की धमकी भी दी थी। धमकी भरे फोन कॉल की सूचना तुरंत कोरमंगला पुलिस थाने को दी गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि फोन कोरमंगला स्थित केएचबी कॉलोनी क्षेत्र से किया गया था।
पुलिस आयुक्त ने संवाददाताओं को बताया कि रविवार सुबह शहर के पुलिस नियंत्रण कक्ष को यह धमकी भरा फोन कॉल मिला था, जिसमें कॉल करने वाले ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री की यात्रा के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था वाले इलाके में विस्फोटक लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि धमकी भरा फोन कॉल करने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था, लेकिन पुलिस टीमों ने तकनीकी निगरानी के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाकर एक घंटे के भीतर उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि दक्षिण-पूर्व डिवीजन, केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) और अन्य पुलिस इकाइयों के कर्मी मामले की जांच कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘झूठी सूचना देना, धमकी देना और फर्जी कॉल करना गंभीर अपराध है तथा इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है।’’
प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी को विभिन्न स्थानों पर मोबाइल फोन के जरिए इस तरह के कॉल और धमकी भरे संदेश भेजने की आदत थी। पुलिस इस कृत्य के पीछे के मकसद की भी जांच कर रही है।
सिंह ने कहा, ‘‘फिलहाल यह एक फर्जी कॉल प्रतीत होती है।’’
आरोपी की मानसिक स्थिति से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि चिकित्सक उसकी जांच करेंगे और पुलिस उन रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है, जिनसे संकेत मिलता है कि वह पहले उपचार करा चुका हो सकता है।