आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों के घेराव के लिए शुक्रवार को एआईएमआईएम और आईएसएफ को दोषी ठहराया तथा कांग्रेस और भाजपा पर उकसाने का आरोप लगाया।
बनर्जी ने कहा कि बुधवार को मालदा जिले के मोथाबाड़ी में कई घंटों तक न्यायिक अधिकारियों को घेरे रखने की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी को राज्य के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने दावा किया कि यह पुलिस संगठन अब भी उनके नियंत्रण में है, न कि निर्वाचन आयोग के।
दक्षिण दिनाजपुर जिले के हरिरामपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा ने उसे (आरोपी को) एआईएमआईएम से लिया और (हैदराबाद से) यहां लेकर आई।’’
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने आरोप लगाया, ‘‘इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) उन लोगों के साथ है; कांग्रेस और भाजपा ने भी उकसाने का काम किया है’’। उन्होंने कहा कि सीआईडी ने मुख्य आरोपी और अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा हवाई अड्डे से उस समय गिरफ्तार किया जब वह भागने की कोशिश कर रहा था।
उन्होंने कहा, ‘‘मालदा के मोथाबाड़ी में हिंसा की साजिश इन्हीं लोगों ने रची थी।’’
पश्चिम बंगाल में अशांति फैलाने के लिए बाहर से गुंडों को लाए जाने का आरोप लगाते हुए बनर्जी ने कहा, ‘‘वे न्यायाधीशों को भी नहीं बख्शते।’’
बनर्जी ने एआईएमआईएम पर आरोप लगाया कि उसने बिहार विधानसभा चुनावों में मतों को विभाजित कर भाजपा को चुनाव जीतने में मदद की। एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर द्वारा हाल ही में गठित आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) का समर्थन किया है।