आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मलेशिया एयरलाइंस की मूल कंपनी मलेशिया एविएशन ग्रुप के प्रमुख कैप्टन नसरुद्दीन ए बकर ने सोमवार को कहा कि टिकाऊ विमानन ईंधन की ऊंची लागत की भरपाई के लिए यात्रियों पर हरित शुल्क लगाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इससे हवाई टिकटों की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
बकर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब दुनियाभर की विमानन कंपनियां कार्बन उत्सर्जन घटाने की कोशिश कर रही हैं। साथ ही, वे टिकाऊ विमानन ईंधन (एसएएफ) की अत्यधिक लागत और सीमित उपलब्धता की चुनौती से भी जूझ रही हैं।
सिंगापुर दुनिया का पहला देश है, जिसने जनवरी 2027 से सरकार की ओर से अनिवार्य हरित विमानन शुल्क लगाने की घोषणा की है।
नसरुद्दीन ने विमानन क्षेत्र में टिकाऊपन पर आयोजित एक सम्मेलन से इतर ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) से कहा, ‘‘हम सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। उपभोक्ताओं के लिए इसे वहन करना संभव होना चाहिए। विमानन कंपनी के लिए भी इसे खरीद पाना संभव होना चाहिए।’’
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, विमानन क्षेत्र से होने वाला उत्सर्जन दुनिया के सालाना कुल कार्बन उत्सर्जन का करीब 2.5 प्रतिशत है। क्षेत्र में मांग बढ़ने के बीच संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन ने 2050 तक शुद्ध कार्बन उत्सर्जन शून्य करने का लक्ष्य तय किया है।