महाराष्ट्र: शहरी विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में वापस नहीं मिले मतदाता प्रपत्र

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 22-08-2026
Maharashtra: Large number of voter forms not returned during SIR in urban assembly constituencies
Maharashtra: Large number of voter forms not returned during SIR in urban assembly constituencies

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान ठाणे, पुणे और मुंबई समेत कई शहरी विधानसभा क्षेत्रों में ऐसे प्रपत्रों की संख्या अधिक रही, जिन्हें एकत्र नहीं किया जा सका।
 
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली, इसके विपरीत ग्रामीण और आदिवासी निर्वाचनों क्षेत्रों ने फॉर्म जमा करने के मामले में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया।
 
एसआईआर में ऐसे गणना फॉर्म जिन्हें न तो एकत्र किया जा सका और न ही उनका डिजिटलीकरण हो पाया, उन्हें ‘एकत्र न किए जा सकने वाले फॉर्म’ की श्रेणी में रखा गया है। राज्य में कुल 21 प्रतिशत से अधिक एसआईआर फॉर्म इस श्रेणी में आए हैं।
 
सीईओ कार्यालय ने राज्य की सभी 288 विधानसभा सीटों का क्षेत्रवार आंकड़ा जारी किया है, जिसमें घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच फॉर्म एकत्र करने तथा डिजिटलीकरण के आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया है।
 
ठाणे की भिवंडी पूर्व विधानसभा सीट पर ऐसे फॉर्म का प्रतिशत सबसे अधिक 49.10 प्रतिशत रहा। इसके बाद दक्षिण मुंबई की कोलाबा सीट पर 46.97 प्रतिशत, पुणे की खडकवासला सीट पर 46.57 प्रतिशत, पालघर की नालासोपारा सीट पर 46.36 प्रतिशत और पुणे की कोथरूड सीट पर 46.22 प्रतिशत फॉर्म एकत्र नहीं किए जा सके।
 
मुंबई के पास स्थित नालासोपारा विधानसभा क्षेत्र में 6,62,057 मतदाता हैं। यहां 46.36 प्रतिशत यानी 3,06,930 फॉर्म एकत्र नहीं हो सके, जो विश्लेषण किए गए विधानसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक संख्या है।
 
पुणे की हडपसर सीट, जहां 6,51,473 मतदाता हैं, में 45.80 प्रतिशत यानी 2,98,375 फॉर्म एकत्र नहीं हो सके। खडकवासला में 5,97,114 मतदाताओं में से 2,78,076 फॉर्म नहीं मिल सके। वहीं कल्याण ग्रामीण में 2,52,294 और ओवला माजीवाड़ा में 2,50,987 फॉर्म एकत्र नहीं हो पाए।
 
अन्य शहरी क्षेत्रों में भिवंडी पश्चिम में 44.72 प्रतिशत, शिवाजीनगर में 44.31 प्रतिशत, अंबरनाथ (सुरक्षित) में 44.18 प्रतिशत, ऐरोली में 44.03 प्रतिशत, मुंब्रा-कलवा में 42.92 प्रतिशत, कल्याण पश्चिम में 42.65 प्रतिशत और मानखुर्द शिवाजीनगर में 42.31 प्रतिशत फॉर्म एकत्र नहीं किए जा सके।