महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को अंतिम विदाई, आज रथ में निकलेगी अंतिम यात्रा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 29-01-2026
Maharashtra Deputy Chief Minister Ajit Pawar will be given a final farewell today; his funeral procession will be taken out in a chariot.
Maharashtra Deputy Chief Minister Ajit Pawar will be given a final farewell today; his funeral procession will be taken out in a chariot.

 

पुणे/बारामती (महाराष्ट्र)

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित ‘दादा’ पवार के पार्थिव शरीर को आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम यात्रा के लिए सजाए गए रथ में ले जाया जाएगा। यह रथ फूलों से सुसज्जित है, जिस पर अजित पवार की तस्वीर और “स्वर्गीय अजितदादा पवार अमर रहें” लिखा हुआ बोर्ड लगाया गया है।

अजित पवार की ‘अंतिम यात्रा’ सुबह 9 बजे विद्या प्रतिष्ठान परिसर (गादीमा) से शुरू होगी। यह यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरेगी, ताकि आम लोग और उनके समर्थक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें। इसके बाद अंतिम संस्कार विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में सुबह 11 बजे किया जाएगा।

इससे पहले, बारामती स्थित अहिल्याबाई होलकर अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और आम नागरिक जुटे, जहां से पार्थिव शरीर को उनके आवास ले जाया गया। शोक में डूबे एनसीपी कार्यकर्ता चंद्रशेखर पाटिल ने कहा, “अब हम किसके पास जाएंगे? परिवार का बड़ा मार्गदर्शक चला गया। वह सुबह पांच बजे उठकर लोगों की समस्याएं सुनते थे और दिनभर काम में जुटे रहते थे।” यह कहते हुए उनकी आंखें भर आईं।

बुधवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे भी बारामती स्थित पवार निवास पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।

इसी बीच, बारामती एयरपोर्ट पर हुए विमान हादसे में जान गंवाने वाले पायलट कैप्टन सुमित कपूर, सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली का पोस्टमार्टम पूरा कर उनके पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिए गए हैं। यह प्रक्रिया पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, बारामती में की गई।

गौरतलब है कि अजित पवार का बुधवार को बारामती एयरपोर्ट पर हुए विमान हादसे में निधन हो गया। वह जिला परिषद चुनाव के सिलसिले में एक जनसभा में शामिल होने जा रहे थे। 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के देवलाली प्रवरा में जन्मे अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक मजबूत और जमीनी नेता के रूप में पहचाने जाते थे। सहकारिता, प्रशासन और राजनीति—तीनों क्षेत्रों में उनका प्रभाव रहा।

छह बार (गैर-लगातार) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार को उनके स्पष्टवादी और बेबाक अंदाज़ के लिए जाना जाता था। वह अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार और दो पुत्रों—जय और पार्थ—को पीछे छोड़ गए हैं। उनके निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।