CPI(M) leader Salim spoke to Humayun Kabir ahead of the Bengal Assembly elections
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव मोहम्मद सलीम ने नवगठित जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर से मुलाकात की, जिससे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दोनों पार्टियों के बीच संभावित गठबंधन की अटकलें तेज हो गईं।
सलीम ने कहा कि आगामी चुनाव में सीट बंटवारे के प्रस्ताव पर माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के भीतर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने बुधवार को न्यू टाउन के एक होटल में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक कबीर के साथ एक घंटे लंबी बैठक की। हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद की नींव रखने को लेकर हाल में विवादों में आए थे।
सलीम ने कहा, ‘‘हम इस प्रस्ताव पर वाम मोर्चे में चर्चा करेंगे। उसके बाद मोर्चे से बाहर की वामपंथी पार्टियों के साथ और फिर आईएसएफ के साथ चर्चा करेंगे।’’
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने पश्चिम बंगाल में 2021 का विधानसभा चुनाव इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के साथ गठबंधन में लड़ा था, लेकिन पार्टी चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल सकी।
आईएसएफ नेता नौशाद सिद्दीकी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अलावा एकमात्र विपक्षी विधायक बन गए हैं।
कबीर के साथ अपनी मुलाकात को उनके इरादों को समझने का प्रयास बताते हुए माकपा नेता ने कहा कि कई पार्टियां ऐसी हैं जिन्होंने अब तक विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे की व्यवस्था पर कोई फैसला नहीं लिया है।
गठबंधन की चर्चा से इनकार करते हुए सलीम ने कहा, ‘‘मैं उनसे जानना चाहता था कि वह क्या करना चाहते हैं और उनका उद्देश्य क्या है।’’