Low-pressure area likely over North Andaman Sea, to move towards Odisha coast: IMD
भुवनेश्वर (ओडिशा)
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) भुवनेश्वर की निदेशक डॉ. मनोरमा मोहंती ने कहा कि 19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। अगले तीन से चार दिनों के दौरान दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ते हुए इसके धीरे-धीरे और मज़बूत होने की भी उम्मीद है। पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. मोहंती ने कहा कि उत्तरी थाईलैंड के ऊपर हवा के ऊपरी स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है, जो समुद्र तल से 9.4 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। कम दबाव का क्षेत्र बनने से पहले इस सिस्टम के उत्तरी अंडमान सागर और आसपास के इलाकों में आने की उम्मीद है।
डॉ. मोहंती ने कहा, "उत्तरी थाईलैंड के ऊपर हवा के ऊपरी स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है और यह समुद्र तल से 9.4 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके 18 सितंबर के आसपास उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर आने की संभावना है और इसके असर से 19 सितंबर की शाम के आसपास उसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।" उन्होंने आगे कहा कि इस सिस्टम के धीरे-धीरे और मज़बूत होने और अगले तीन से चार दिनों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने की संभावना है।
उन्होंने कहा, "इसके बाद, इसके धीरे-धीरे और मज़बूत होने और अगले 3-4 दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने की संभावना है।" इस मौसमी सिस्टम का आने वाले दिनों में ओडिशा में बारिश पर असर पड़ने की उम्मीद है। IMD ने अगले 24 घंटों के दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज़ हवाओं के साथ छिटपुट बारिश का अनुमान लगाया है। डॉ. मोहंती ने कहा, "अगले 24 घंटों के दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज़ हवाओं के साथ छिटपुट बारिश होने की बहुत संभावना है।"
18 सितंबर को जारी IMD के तटीय बुलेटिन में भी कहा गया था कि उत्तरी अंडमान सागर और आसपास के इलाकों में हवा के ऊपरी स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना है और यह समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसमें फिर से कहा गया कि 19 सितंबर की शाम के आसपास उसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने और उसके बाद दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने की संभावना है।
यह सिस्टम ऐसे समय में बन रहा है जब ओडिशा में मॉनसून से जुड़ी बारिश हो रही है। मौसम विभाग इसकी चाल और राज्य तथा आस-पास के तटीय इलाकों में बारिश पर इसके संभावित असर पर बारीकी से नज़र रख रहा है। IMD ने यह भी कहा है कि जैसे-जैसे यह सिस्टम और मज़बूत होगा और आगे बढ़ेगा, इसके बारे में पूर्वानुमानों को अपडेट किया जाएगा।